नई दिल्ली : बज़ट सत्र के शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक को बुलाया, जिसमें विभिन्न पार्टियां मौजूद रहीं। वहीं कई पार्टियां ऐसी थी, जो इस बैठक में शामिल नहीं हुए। खबरों की मानें तो इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने किसान आंदोलन को लेकर किसान नेताओं से भी बातचीत करने की बात कहीं। हालांकि उन्होंने कहा कि वे उसी मुद्दे पर बात करेंगे, जो केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 11वें वार्ता के दौरान दिया था।
वहीं इस बैठक के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि हमने कृषि कानून को वापस लेने की गुहार लगाई। बेरोजगारी, आर्थिक स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया। हमनें जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उसे राज्य का दर्जा दिया जाए। हम देश की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसानों से सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। किसान नेताओं को कहा गया कि सरकार की तरफ से जो प्रस्ताव आपके सामने पेश किया गया है, जब आप मन बना लेंगे और नतीजे पर पहुंच जाएंगे तो तोमर साहब एक फोन कॉल की दूरी पर हैं।
गौरतलब है कि 11वें बैठक के दौरान तोमर ने कहा था कि वे इन तीनों कृषि कानून को तकरीबन दो सालों तक टाल सकते है, साथ ही MSP पर भी बात करने को कहा। हालांकि किसानों ने इन सुझावों को दरकिनार कर तीनों कृषि कानून की मांग पर अड़े रहे।