पन्ना : मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का मुआवजा और पुनर्वास समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन जारी है। हालिया पुलिस कार्रवाई के बाद मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। इसी क्रम में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनीश खान के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रात में धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनरत विस्थापित ग्रामीणों से मुलाकात की। मझगांय परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास को लेकर सितंबर में लगातार प्रदर्शन हुए हैं। 28-29 सितंबर के दौरान धरना स्थल पर पुलिस कार्रवाई और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं के पहुंचने के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित दुर्व्यवहार और घटनाक्रम से जुड़ी अपनी शिकायतें कांग्रेस नेताओं के सामने रखीं। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि उपलब्ध रिपोर्टों में कार्रवाई के दौरान झड़प और हिरासत में लिए जाने की घटनाओं का उल्लेख है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनीश खान ने धरना स्थल पर ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि पार्टी विस्थापित परिवारों की मांगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को कांग्रेस की ओर से समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उनकी मांगों को लेकर पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
अनीश खान ने कहा कि जिन आंदोलनकारियों को जेल भेजा गया है, उनकी कानूनी सहायता के लिए कांग्रेस की ओर से वकीलों की टीम उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों और आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहेंगे।
मझगांय और रुंझ मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवार लंबे समय से मुआवजा, पुनर्वास और पात्र लोगों को उनके अधिकार दिए जाने की मांग उठा रहे हैं। हाल के दिनों में आंदोलन के तहत जल सत्याग्रह, चिता आंदोलन और अन्य विरोध के तरीके भी अपनाए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के मामलों के निराकरण की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों के समाधान को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।