लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(yogi adityanath) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं होगी लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं होगी। सीएम ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं, सरकार उसकी तह तक जा रही है। लोकतंत्र में हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है जब कानून सबको सुरक्षा प्रदान करने की गारंटी दे रहा है तो किसी को भी अपने हाथ में कानून लेने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।
वहीं गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के पुत्र को बचाने की कोशिश के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ”कोई वीडियो इस प्रकार का नही है, हमने नंबर भी जारी किया है कि अगर किसी के पास कोई साक्ष्य है तो इस पर अपलोड करें। दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा। अन्याय किसी के साथ नहीं होगा। कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं होगी लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नही होगी।”
सीएम योगी ने कहा कि, ”माननीय सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि गिरफ्तारी से पहले आपके पास पर्याप्त साक्ष्य भी होने चाहिये। हम किसी व्यक्ति के आरोप पर अनावश्यक किसी को गिरफ्तार भी नहीं करेंगे, लेकिन हां अगर कोई दोषी है तो उसको छोड़ेंगे भी नहीं, चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो।”
मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा कि, ”हमने पूरे यूपी में यहीं किया है, जिनके खिलाफ भी कार्रवाई हुई है, जिनके खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं, हमने उनके खिलाफ कार्रवाई करने में कोई गुरेज नहीं किया है। लखीमपुर खीरी की घटना में भी सरकार यही कर रही है।”
लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत
गौरतलब है कि पिछले रविवार (तीन अक्टूबर) को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि इन किसानों को वाहन से टक्कर मारी गयी थी। इस मामले में दर्ज एफआईआर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष का नाम भी हैं। उन्हें आज पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए।