1. हिन्दी समाचार
  2. Breaking News
  3. Loksabha Election: CM मोहन की हुंकार, बोले- जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं

Loksabha Election: CM मोहन की हुंकार, बोले- जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में प्रचार के लिए उज्जैन लोकसभा की आलोट विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया के समर्थन में आलोट विधानसभा में आयोजित रोड शो एवं जनसभा में किया।

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
Loksabha Election: CM मोहन की हुंकार, बोले- जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में प्रचार के लिए उज्जैन लोकसभा की आलोट विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया के समर्थन में आलोट विधानसभा में आयोजित रोड शो एवं जनसभा में किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना कहा इस बार का चुनाव देश के मान-सम्मान और श्रीराम मंदिर का चुनाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो श्रीराम का नहीं है, वह किसी भी काम का नहीं है।

सीएम ने  कहा कि इस बार के चुनाव कांग्रेस के पापों को सबक सिखाने का चुनाव है। कांग्रेस पार्टी ने 70 सालों तक पाप किए। इनके माथे पर कई कलंक हैं। कांग्रेस ने आजादी के बाद से 70 सालों तक देश में शासन चलाया, लेकिन वे देश की समस्याओं को खत्म नहीं कर पाए। भगवान श्रीराम खुले आसमान के नीचे विराजमान रहे, लेकिन कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर को लेकर हमेशा से देश के हिन्दू और मुसलमानों को लड़ाने का काम किया है।

कांग्रेस हमेशा से श्रीराम मंदिर निर्माण में अड़ंगे लगाती रही और जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीराम मंदिर निर्माण करवाया तो वे श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा दिया और अब प्रदेश की जनता ही कांग्रेस को ठुकराएगी। कांग्रेस और उसके घमंडिया गठबंधन के लोग भी शामिल नहीं हुए।

रोड शो में उमड़ा अपार जनसैलाब, होती रही फूलों की बारिश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में प्रचार के लिए उज्जैन लोकसभा की आलोट विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया के समर्थन में रोड शो कर जनता का अभिवादन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देने के लिए अपार जनसमूह उमड़ा। चारों तरफ माहौल भाजपामय नजर आया। घर-घर में भाजपा का झंडा लहराता हुआ दिखाई दे रहा था।

इस दौरान रथ पर सवार मुख्यमंत्री का जमकर स्वागत, सत्कार हुआ। रास्ते भर लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की तो वहीं मुख्यमंत्री ने भी सभी का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री रास्तेभर लोगों से अभिवादन स्वीकारते हुए चल रहे थे। इस दौरान मोदी-मोदी, अबकी बार-400 पार, अबकी बार-29 पार के नारे भी लग रहे थे। रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसभाओं में उपस्थित लोगों को संबोधित किया एवं भारतीय जनता पार्टी के लिए वोट देने की अपील की।

उज्जैन लोकसभा सीट के प्रमुख उम्मीदवार
बीजेपी फिरोज कनौजिया
कांग्रेस महेश परमार

उज्जैन लोकसभा सीट इतिहास
पूरे देश और विदेश में बाबा महाकाल के लिए जानी जाने वाली उज्जैन लोकसभा सीट बेहद महत्वपूर्ण है। उज्जैन लोकसभा सीट में उज्जैन पूरा जिला और कुछ हिस्सा रतलाम जिले का भी आता है। धार्मिक रूप से अति समृद्ध यह क्षेत्र शिप्रा नदी के किराने बसा हुआ है। यहां पर हर 12 साल में एक बार सिम्हस्थ का आयोजन भी होता है।

सिम्हस्थ के दौरान देश-विदेश से हजारों लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। उज्जैन को पुराने जमाने में ज्योतिष के लिए भी जाना जाता था। ज्यादातर हिंदू घरों में विक्रम संवत के कैलेंडर को फॉलो किया जाता है जो कि यहीं के राजा विक्रमादित्य ने शुरू किया था।

उज्जैन में बाबा महाकाल के मंदिर के अलावा विश्व प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, चिंतामन गणेश मंदिर, मां हरसिद्धि मंदिर हैं। यहां पर महाकाल लोक भी बनाया गया है जिसका उद्घाटन 11 अक्टूबर 2022 को किया गया था। उज्जैन शहर को कालीदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। वहीं इस लोकसभा सीट में रतलाम भी आता है जहां का प्राचीन लक्ष्मी माता मंदिर पूरे प्रदेश के आस्था का केंद्र है, वहीं यहां की सोना मंडी का सोना पूरे देश में विख्यात है।

शिवपुराण से लेकर महाभारत तक

उज्जैन शहर के इतिहास का जिक्र न सिर्फ शिवपुराण बल्कि महाभारत में भी मिलता है। महाभारत के अनुसार भगवान श्री कृष्ण अपने भाई बलराम के सात उज्जैन के ऋषि सांदीपनी के आश्रम में शिक्षा प्राप्त करने आए थे। यहां आज भी भगवान श्री कृष्ण और उनके परममित्र श्रीदामा का मंदिर मौजूद है। वहीं यहां पर भगवान भोलेनाथ 84 अलग-अलग मंदिरों में 84 महादेव के नाम से जाने जाते हैं। इन सभी मंदिरों की कथा शिवपुराण में मौजूद है।

राजनीतिक ताना-बाना

उज्जैन की राजनीति की बात की जाए तो इस लोकसभा सीट में आठ विधानसभाएं हैं जिनमें उज्जैन जिले की नागदा-काचरोड, महिदपुर, तराना, घटिया, उज्जैन नॉर्थ, उज्जैन साउथ, बड़नगर शामिल हैं, वहीं रातलाम जिले की आलोट सीट भी इस लोकसभा क्षेत्र में शामिल है। इन सभी विधानसभाओं में 2 पर कांग्रेस काबिज है वहीं बाकी 6 पर बीजेपी ने कब्जा जमाया हुआ है। 2019 के चुनाव की बात की जाए तो यहां पर बीजेपी की ओर से अनिल फिरोजिया ने कांग्रेस के बाबूलाल मालवीय को साढ़े तीन लाख से ज्यादा वोटो के अंतर से हराया था।

उज्जैन लोकसभा सीट 2019
देश में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में, यानी लोकसभा चुनाव 2019 में इस सीट पर कुल 1661229 मतदाता थे। उस चुनाव में BJP प्रत्याशी अनिल फिरोजिया को जीत हासिल हुई थी, और उन्हें 791663 वोट हासिल हुए थे। इस चुनाव में अनिल फिरोजिया को लोकसभा सीट में मौजूद कुल मतदाताओं में से 47.66 प्रतिशत का समर्थन प्राप्त हुआ था, जबकि इस सीट पर डाले गए वोटों में से 63.18 प्रतिशत उन्हें दिए गए थे।

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान इस सीट पर INC प्रत्याशी बाबूलाल मालवीय दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 426026 वोट मिले थे, जो संसदीय सीट के कुल मतदाताओं में से 25.65 प्रतिशत का समर्थन था, और उन्हें कुल डाले गए वोटों में से 34 प्रतिशत वोट मिले थे। इस सीट पर आम चुनाव 2019 में जीत का अंतर 365637 रहा था।

इससे पहले, उज्जैन लोकसभा सीट पर वर्ष 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान 1525481 मतदाता दर्ज थे। उस चुनाव में BJP पार्टी के प्रत्याशी प्रो. चिंतामणि मालवीय ने कुल 641101 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उन्हें लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 42.03 प्रतिशत ने समर्थन दिया था, और उन्हें उस चुनाव में डाले गए वोटों में से 63.07 प्रतिशत वोट मिले थे। उधर, दूसरे स्थान पर रहे थे INC पार्टी के उम्मीदवार प्रेमचंद गुड्डू, जिन्हें 331438 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, जो लोकसभा सीट के कुल वोटरों का 21.73 प्रतिशत था और कुल वोटों का 32.61 प्रतिशत रहा था। लोकसभा चुनाव 2014 में इस संसदीय सीट पर जीत का अंतर 309663 रहा था।

उससे भी पहले, मध्य प्रदेश राज्य की उज्जैन संसदीय सीट पर वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान 1253686 मतदाता मौजूद थे, जिनमें से INC उम्मीदवार गुड्डू प्रेमचंद ने 326905 वोट पाकर जीत हासिल की थी। गुड्डू प्रेमचंद को लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 26.08 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल हुआ था, जबकि चुनाव में डाले गए वोटों में से 48.97 प्रतिशत वोट उन्हें मिले थे।

दूसरी तरफ, उस चुनाव में दूसरे स्थान पर BJP पार्टी के उम्मीदवार सत्यनारायण जटिया रहे थे, जिन्हें 311064 मतदाताओं का साथ मिल सका था। यह लोकसभा सीट के कुल वोटरों का 24.81 प्रतिशत था और कुल वोटों का 46.6 प्रतिशत था। लोकसभा चुनाव 2009 में इस संसदीय सीट पर जीत का अंतर 15841 रहा था।

उज्जैन लोकसभा के बारे में 
उज्जैन मध्य प्रदेश का वो शहर है जो क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है। यह शहर विक्रमादित्य के राज्य की राजधानी थी। इसे कालिदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। उज्जैन में हर 12 साल पर सिंहस्थ कुंभ मेला लगता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक महाकाल इस नगरी में स्थित है।

महाकालेश्वर की मान्यता भारत के प्रमुख बारह ज्योतिर्लिंगों में है। बता दें कि देश भर में चार स्थानों पर कुम्भ का आयोजन किया जाता है। प्रयाग, नासिक, हरिद्धार और उज्जैन में लगने वाले कुम्भ मेलों के उज्जैन में आयोजित आस्था के इस पर्व को सिंहस्थ के नाम से पुकारा जाता है।
2011 की जनगणना के मुताबिक उज्जैन की जनसंख्या 22,90,606 है। यहां की 63.49 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र और 36.51 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। यहां पर अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या अच्छी खासी है। 26 फीसदी आबादी यहां की अनुसूचित जाति के लोगों की है और 2.3 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति की है।

चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2014 के चुनाव में उज्जैन में 15,25,481 मतदाता थे। इसमें से 7,34,592 महिला मतदाता और 7,90,889 पुरूष मतदाता थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 66.63 फीसदी मतदान हुआ था। उज्जैन लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 7 सीटें आती हैं. नगाड़ा-खचरौड़, घटिया, वडनगर, महीदपुर, उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण, अलोट, तराना यहां की विधानसभा सीटें हैं।

मध्य प्रदेश की उज्जैन लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की पकड़ रही है। इस सीट पर कांग्रेस ने शुरुआत में जीत हासिल की, लेकिन उसके बाद वह लगातार यहां पर कमजोर होती गई।

2019 का जनादेश
2019 के लोकसभा चुनाव में उज्जैन सीट पर बीजेपी के अनिल फिरोजिया ने कांग्रेस के बाबू लाल मालवीय को हराया था। अनिल फिरोजिया को 7,91,663 वोट मिले थे और बाबू लाल मालवीय को 4,26,026 वोट मिले, तो वहीं बीएसपी के सतीश परमार को 10,698 वोट से संतुष्ट होना पड़ा।

2014 का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रो. चिंतामणि मालवीय ने कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को मात दी थी। इस चुनाव में चिंतामणि को 6,41,101(63.08फीसदी) वोट मिले थे और प्रेमचंद को 3,31,438 (32.61 फीसदी) वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत हार का अंतर 3,09,663 वोटों का था। वहीं बसपा उम्मीदवार रामप्रसाद .98 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे।

इससे पहले 2009 के चुनाव में कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को जीत मिली थी। उन्होंने बीजेपी के सत्यनारायण जटिया को हराया था. प्रेमचंद को 3,26,905 (48.97 फीसदी) वोट मिले थे तो वहीं सत्यनारायण को 3,11,064( 46.6 फीसदी वोट मिले थे. दोनों के बीच हार जीत का अंतर 15,841 वोटों का था। वहीं बसपा 1.38 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थी।

उज्जैन लोकसभा चुनाव से जुड़ी जानकारी
उज्जैन लोक सभा सीट सीएम डॉ. मोहन यादव का होम ग्राउंड है। इस लोकसभा का गठन 1952 में हुआ था। उज्जैन लोक सभा सीट का गठन 1952 में हुआ था। उज्जैन से दूसरी बार अनिल फिरोजिया को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने इस बार अपना उम्मीदवार बदल दिया है, 2019 में यहां से बाबूलाल मालवीय थे और इस बार के चुनाव में महेश परमार उम्मीदवार हैं। वर्तमान सांसद अनिल फिरोजिया भाजपा से है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अनिल फिरोजिया ने कांग्रेस के बाबूलाल मालवीय को 3 लाख 65 हजार 637 मतों से हराया था। यह सीट बीजेपी की गढ मानी जाती है।

सीएम मोहन यादव के होम ग्राउंड पर कांग्रेस कैसे करेगी नैया पार
उज्जैन लोकसभा सीट पर शुरुआती तीन चुनावों में कांग्रेस का कब्जा रहा. 1967 के आम चुनाव में भारतीय जनसंघ ने बाजी पलट दी। यह उज्जैन की राजनीति के लिए टर्निंग पॉइंट रहा। इसके बाद 1984 और 2009 में दो मौके ऐसे आए, जब कांग्रेस को उज्जैन में जीत मिली। सत्यनारायण जटिया सर्वाधिक सात बार इस लोकसभा सीट से जीतते रहे।

पिछले दो चुनावों में बीजेपी ने उम्मीदवार बदले और जीत हासिल की। कांग्रेस के लिए अब यह सीट पहाड़ जैसी हो गई है। सीएम मोहन यादव उज्जैन शहर से ही विधायक चुने जाते हैं। इस चुनाव में उन्होंने भारी अंतर से जीत के लिए रणनीति बना रखी है।

विधानसभा क्षेत्र: नागदा-खाचरौद, महिदपुर, तराना, घाटिया, उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण, बड़नगर, आलोट

उज्जैन लोकसभा क्षेत्र में मतदाता
2019 में कुल मतदाता 16 लाख 61 हजार 229
पुरुष मतदाता 8 लाख 50 हजार 810
महिला मतदाता 8लाख 10हजार 347

उज्जैन लोकसभा सीट पर कब कौन जीता
वर्ष विजेता पार्टी
1952 राधेलाल व्यास कांग्रेस
1957 राधेलाल व्यास कांग्रेस
1962 राधेलाल व्यास कांग्रेस
1967 हुकुमचंद कछवाई जनसंघ
1971 फूलचंद वर्मा जनसंघ
1977 हुकुमचंद कछवाई जनता पार्टी
1980 सत्यनारायण जटिया जनता पार्टी
1984 सत्यनारायण पवार कांग्रेस
1989 सत्यनारायण जटिया बीजेपी
1991 सत्यनारायण जटिया बीजेपी
1996 सत्यनारायण जटिया बीजेपी
1998 सत्यनारायण जटिया बीजेपी
1999 सत्यनारायण जटिया बीजेपी
2004 सत्यनारायण जटिया बीजेपी
2009 प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस
2014 चिंतामणि मालवीय बीजेपी
2019 अनिल फिरोजिया बीजेपी

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...