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Loksabha Election: CM मोहन यादव का कांग्रेस पर वार, बोले- किसानों के हमेशा दुश्मन रहे

Loksabha Election: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर में प्रबुद्धजनों से संवाद किया, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी द्वारा किए गए कार्य गिनाए।

By: RNI Hindi Desk 
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Loksabha Election: CM मोहन यादव का कांग्रेस पर वार, बोले- किसानों के हमेशा दुश्मन रहे

Loksabha Election: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव को राजनीतिक पार्टियों के नेताओं का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इन दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव कांग्रेस को लेकर काफी अग्रसर दिखा रहे हैं। आपको बता दे कि मंदसौर चुनावी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधवार सुबह प्रबुद्धजन संवाद में मंदसौर के विभिन्न वर्गों से जुड़े प्रबुद्ध लोगों से खुलकर चर्चा की।

उन्होंने सेवानिवृत न्यायाधीश रघुवीरसिंह चूंडावत से आइपीसी सहित कानून संबंधी प्रश्न पूछे। उन्होंने कहा कि हम देश में दंड संहिता नहीं बल्कि न्याय संहिता चाहते है। भाजपा याने भारतीय जनता पार्टी पूरे भारत की जनता की पार्टी है। हमने सबको साथ लेकर काम करने की ठानी हुई है।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि जनता के एक-एक आदमी का कोर्ट से काम पड़ता है। पीएम मोदी अपने लिए नहीं बल्कि आपके लिए न्यायालयीन परिवर्तन चाहते है। चोर की गर्दन पकड़ने का काम पीएम मोदी ने किया है। उन्होंने रिश्वतखोरों को उनकी जमीन दिखाई है। इसलिए पीएम मोदी को देश का चौकीदार कहा गया है।

केजरीवाल पर साधा निशाना

सीएम यादव ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल पर निशाना साधते हुए सबसे ज्यादा कानून की बात करने वाले दिल्ली वाले भाईसाहब। कानून लिखने वाला भी शरमा गया होगा कि जब कोई मुख्यमंत्री जेल जाए और इस्तीफा ना दें इस लाईन का फायदा भाईसाहब उठा रहे हैं। हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट सब दुर की यात्रा कर आएं चार धाम पूरे हो रहे हैं।

पीएम ने ईमानदारी ने किया काम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुखिया की जवाबदारी सबसे अधिक होती है। परिवार में कुछ भी होता है तो प्रतिष्ठा मुखिया की दांव पर लगती है। तो फिर दिल्ली के मुखिया अपनी जवाबदारी मानने को तैयार क्यों नहीं है। मोदी जी ने हर क्षेत्र में अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है। चाहे बात देश के विकास की हो या राष्ट्र व जनता की सुरक्षा की हो। जीएसटी, नोटबंदी कोई छोटा मोटा काम है क्या? मोदीजी ने केवल देश की खातिर अपना सब कुछ दांव पर लगाया और ऐसे बड़े निर्णय लिए। जिसके सकारात्मक परिणाम हमारे सामने है।

सीएम ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी का न खुद का मकान है और न जमीन है और न भारी भरकम बैंक अकाउंट। हर कोई अपने बच्चों के लिए लड़ रहा है, लेकिन पीएम मोदी आपके बच्‍चों के लिए लड़ रहे हैं।

सीएम ने  कहा कि इस बार के चुनाव कांग्रेस के पापों को सबक सिखाने का चुनाव है। कांग्रेस पार्टी ने 70 सालों तक पाप किए। इनके माथे पर कई कलंक हैं। कांग्रेस ने आजादी के बाद से 70 सालों तक देश में शासन चलाया, लेकिन वे देश की समस्याओं को खत्म नहीं कर पाए। भगवान श्रीराम खुले आसमान के नीचे विराजमान रहे, लेकिन कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर को लेकर हमेशा से देश के हिन्दू और मुसलमानों को लड़ाने का काम किया है।

कांग्रेस हमेशा से श्रीराम मंदिर निर्माण में अड़ंगे लगाती रही और जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीराम मंदिर निर्माण करवाया तो वे श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा दिया और अब प्रदेश की जनता ही कांग्रेस को ठुकराएगी। कांग्रेस और उसके घमंडिया गठबंधन के लोग भी शामिल नहीं हुए।

कांग्रेस आज से नहीं 70 साल से मंदिरों का निमंत्रण ठुकरा रही है। उन्होंने कहा कि जब सोमनाथ मंदिर का भूमिपूजन किया गया था, तब नेहरू ने सोमनाथ मंदिर का निमंत्रण ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था देश में ये सब होना ठीक नहीं है। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर का फैसला सुनाया। राम मंदिर का भूमि पूजन हो गया, निर्माण हो गया और रामलला भी आकर बैठ गए लेकिन कांग्रेस से कोई नहीं आया, इन्होंने आज फिर निमंत्रण ठुकरा दिया। अब 13 मई को जनता इन्हें ठुकराएगी। सीएम ने कहा, क्योंकि जो राम का नहीं हो सकता, वो किसी का नहीं हो सकता।

मोहन यादव बोले कि मोदी है तो मुमकिन है। सेना ने पराक्रम किया और कांग्रेस ने सबूत मांगा। दस साल से देश मे एक भी आतंकवाद की घटना नहीं हुई। कोरोनाकाल में लोगों को कोविड से बचाव के मुफ्त टीके लगाए। सीएम ने कहा कि पहला वोट देश की सुरक्षा के लिए, दूसरा वोट कोविड से जान बचाने के लिए। भगवान का अपमान, हिंदू समाज के अपमान की कीमत विपक्षी दलों को चुकानी पड़ेगी।

लाडली बहना और किसान योजना पर की बात

सीएम ने कहा कि आपने बीजेपी को चुना तो आपको लाडली बहना योजना का लाभ मिला। किसानों के खातों में भी योजना का पैसा पहुंच रहा है। सीएम ने जनता से बीजेपी के समर्थन में वोट मांगे। सीएम ने कांग्रेस को जीरो कहते हुए डबल विकास का वादा किया, बोले, अगर इस बार हमारी सरकार आई तो, विकास की रफ्तार डबल कर देंगे। बता दें कि बीजेपी इस बार अबकि बार 400 पार का नारा लेकर चुनावी मैदान में है।

बता दें कि मंडला में जनसभा से पहले मंदसौर पहुंचे सीएम डॉं मोहन यादव सबसे पहले अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। सीएम ने यहां प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और मानवता के कल्याण की कामना की।
मंदसौर लोकसभा सीट इतिहास

उज्जैन संभाग में आने वाली मंदसौर लोकसभा सीट बहुत महत्वपूर्ण है। शिवना नदी के किनारे बसा यह शहर प्राकृतिक रूप से तो सुंदर है ही साथ ही यह क्षेत्र अफीम की खेती के लिए जाना जाता है। यहां की राजनीति पूरे मालवा क्षेत्र से बहुत प्रभावित रहती है। मध्य प्रदेश के इस क्षेत्र में मसालों का अच्छा खासा व्यापार होता है। यहां पर कई विख्यात शैक्षणिक संस्थान तो हैं ही साथ ही यहां पर कई छोटे-बड़े उद्योग भी हैं।

रावण की ससुराल के रूप में पूरे देश में पहचान रखने वाले मंदसौर शहर का इतिहास भी काफी पुराना है। यहां पर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर पूरे विश्व का दूसरा पशुपतिनाथ मंदिर है। यह मंदिर शिवना नदी के किनारे पर है। इस लोकसभा में आठ विधानसभाएं हैं जिनमें रतलाम जिले की जाओरा, मंदसौर जिले की मंदसौर, मल्हारगढ़, सुवासरा, गरोठ, और नीचम जिले की मनसा, नीमच और जावद विधानसभाएं शामिल हैं।

2019 का जनादेश

बीजेपी के सुधीर गुप्ता को 8,47,786 वोट मिले (जीते)
कांग्रेस के मीनाक्षी नटराजन को 4,71,052 वोट मिले
बसपा के प्रभुलाल मेघवाल को 9,703 वोट मिले

2014 का जनादेश

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सुधीर गुप्ता ने यहां पर जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन को हराया था। सुधीर गुप्ता को 698335 वोट मिले थे तो वहीं मीनाक्षी नटराजन को 394686 वोट मिले थे। दोनों के बीच हार जीत का अंतर 303649 वोटों का था। वहीं आम आदमी पार्टी 0.88 फीसदी वोटों से साथ तीसरे स्थान पर रही थी।

2009 में मीनाक्षी नटराजन ने जीता चुनाव

मंदसौर लोकसभा सीट की सिर्फ मंदसौर विधानसभा को छोड़ दिया जाए तो सभी विधानसभाओं पर बीजेपी काबिज है। वहीं अगर लोकसभा चुनावों की बात की जाए तो इस क्षेत्र में 1989 से 2004 तक बीजेपी का एकतरफा दबदबा रहा है। इस जीत के रथ को 2009 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही मीनाक्षी नटराजन ने रोका और लोकसभा चुनाव जीता। हालांकि इसके बाद फिर से यह सीट बीजेपी के पास चली गई और 2014 और 2019 में बीजेपी के उम्मीदवार ने यहां पर जीत दर्ज की।

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