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सीएम डॉ. मोहन यादव का किसानों को लेकर बड़ा फैसला, 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया

आज से पूरे प्रदेश के सभी छोटे बड़े सभी किसान भाइयों से समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए जो स्लॉट बुकिंग करना चाहे, सभी के लिए स्लॉट पूरी तरह से खोली जा रही है। गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा।

By: Naredra 
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सीएम डॉ. मोहन यादव का किसानों को लेकर बड़ा फैसला, 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया

भोपालः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुझे मध्यप्रदेश की सेवा का अवसर मिला। उसी सेवा भाव से मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हूं। जब मैने मुख्यमंत्री के रूप में इस महत्वपूर्ण पद की शपथ ली तब से पूर प्रदेश ही मेरा परिवार है। आपका सुख ही मेरा सुख है आपक दुख ही मेरा दुख है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की तीव्र गति का मुख्य आधार आप सब मुख्य प्रिय किसान भाई बहन हैं।

सीएम डॉ. यादव ने किसानों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेश के समस्त अन्नदाताओं को नमन करता हूं। हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम न केवल उनकी आर्थिक उन्नति के लिए संकल्पित हैं बल्कि उनके जीवन में सुख और आनंद के सूर्योदय का प्रयास कर रहे हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाए बिना प्रदेश के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। हमारी सरकार किसानों के हर सुख दुख में साथ है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसान हितैषी ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। आज मैं आपसे ऐसे विषय पर संवाद कर रहा हूं। जो हमारे प्रदेश की आत्मा हमारे अन्नदाता यानि किसानों से जुड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश सरकार किसान हितैषी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है और इसी भावना के साथ किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

उपार्जन में 22 लाख मीट्रिक टन  की अभूतपूर्व वृद्धि

डॉ. यादव ने कहा कि मैं आपसे यह साझा करना चाहता हूं कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की अभूतपूर्व वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है। बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। आज से पूरे प्रदेश के सभी छोटे बड़े सभी किसान भाइयों से समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए जो स्लॉट बुकिंग करना चाहे, सभी के लिए स्लॉट पूरी तरह से खोली जा रही है।

सप्ताह में 6 दिन चलेगा उपार्जन- डॉ. यादव

गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा। उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन भी निर्बाध गति से जारी रहेगा। साथ ही 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ा दिया गया है। अगर इस अवधि में भी और वृद्धि करना पड़े तो भी हम करने के लिए तैयार हैं। किसान भाइयों को कोई समस्या न रहे यह हमारी सरकार का संकल्प है। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। हमारी सरकार ने भू-अर्जन को लेकर भी एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।

किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़- सीएम डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार इन सभी क्षेत्रों में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। किसान हमारी अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है ऐसे में देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन फसल, उड़द, तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया।

उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय

उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए क्विंटल की दर से बोनस राशि देने का भी निर्णय दिया गया है। मध्यप्रदेश में सोयाबीन की फसल पर भावांतर योजना की सफलता के बाद सरसों पर भी भावंतर योजना लागू करने के फलस्वरूप बाजार में वृद्धि फसल की हुई है। यह बताता है कि किसानों को सरसों का दाम एमएसपी से भी ऊपर अगर मिल रहा है तो यह भावंतर योजना का सफलता का परिणाम है। सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। जिसमें किसानों को केवल पांच रुपए में बजली का कनेक्शन दिया जा रहा है। किसानों को आगामी वर्षाकाल के बाद सिंचाई के लिए रात के बजाय दिन में ही पर्याप्त बिजली मिलेगी। कृषक मित्र योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसानों को सोलर पंप देश में पहली बार मध्यप्रदेश में दिए जा रहे हैं। जिससे किसानों की आय बचे, आय बढ़े किसान आत्मनिर्भर बने।

प्रतिदिन दूध संकलन 10 लाख किलोग्राम से अधिक

प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में भी हमारी सरकार निरंतर नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। हमने दूध उत्पादन से लेकर उसके बढ़ाने का प्रयास बढ़ाए हैं। 752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है। हमारा प्रतिदिन दूध संकलन आज 10 लाख किलोग्राम से अधिक पहुंच गया है। दूध उत्पादन किसान भाइयों की 1600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान भी हमारे द्वारा किया गया है। अब किसानों को दूध का दाम 8-10 रुपए प्रतिकिलो बढ़कर मिल रहा है। यह सिर्फ आंकड़े नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस साल युद्ध की स्थिति के बावजूद भी प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.90 लाख मीट्रिक टन है, जो पिछले साल से भी अधिक है। इसी प्रकार अन्य उर्वरक का भंडारण किया गया है। इसकी वितरण प्रणाली में भी सुधार किए जा रहे हैं। नवाचार और तकनीक का उपयोग कर अब किसानों को बिना लाइन लगाए मनचाहे स्थानों से खाद दिलवाने की व्यवस्था की जा रही है।

सच्चा वादा, पक्का काम यही सरकार का संकल्प- डॉ. यादव

सच्चा वादा पक्का काम यही हमारी सरकार का संकल्प है। हमने जो किसानों से वादा किया वह पूरा करके दिखाया। जब खेतों से लेकर कारखानों तक समृद्धि आएगी तभी हमारे किसान भी समृद्ध होंगे। मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आपकी मेहनत आपका पसीना और आपका भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपकी समृद्धि मध्यप्रदेश की ताकत है। आइए हम सब मिलकर किसान कल्याण वर्ष में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में नई ऊचाइयों तक ले जायं। किसानों के साथ बीते दो वर्षों में जो रिश्ता हमने बनाया है हम इसे आगे भी निभाएंगे।

 

 

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