गोरखपुर जोन की पुलिस ने तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। अब जोन के सभी जिलों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी का आवंटन डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। 1 अगस्त से ‘पुलिस ऑटो ड्यूटी प्रबंधन प्रणाली’ को लागू कर दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य ड्यूटी रोस्टर को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाना है।
नई क्लाउड आधारित वेब एप्लिकेशन के जरिए अब थानों में ड्यूटी रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। पहले जहां ड्यूटी निर्धारण में काफी समय लगता था, वहीं अब यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। इससे पुलिस प्रशासन का समय बचेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा।
इस आधुनिक प्रणाली को बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार द्वारा विकसित किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन के निर्देशन में इसे पहले बलरामपुर, फिर देवीपाटन और बस्ती परिक्षेत्र में लागू किया गया था। सफल परिणाम मिलने के बाद अब इसे पूरे गोरखपुर जोन में लागू कर दिया गया है। स्मार्ट ऑटो ड्यूटी जनरेटर और पीएनओ नॉर्मलाइजेशन तकनीक की मदद से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर तय होगी। इससे सिफारिश, पक्षपात और मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम किया जा सकेगा।
नई प्रणाली में स्मार्ट लीव मैनेजमेंट सिस्टम भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से अवकाश पर मौजूद पुलिसकर्मियों की जानकारी स्वतः अपडेट होगी, जिससे गलती से उन्हें ड्यूटी आवंटित होने की समस्या खत्म होगी।

इस डिजिटल सिस्टम की मदद से मुख्यालय, जोन, परिक्षेत्र और जिला स्तर से थानों की 24 घंटे निगरानी संभव होगी। अधिकारियों को रियल टाइम में यह जानकारी मिल सकेगी कि किस थाने में कितनी पुलिस फोर्स तैनात है, कितनी रिजर्व में है और ड्यूटी में क्या बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा ड्यूटी में किसी भी संशोधन के लिए अनुमोदन आधारित व्यवस्था रखी गई है, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत किया जा सकेगा।
यह प्रणाली MySQL डेटाबेस और मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है। इसमें पुलिस ड्यूटी से जुड़े सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। विभाग का मानना है कि इससे पुलिस प्रशासन अधिक प्रभावी, तेज और व्यवस्थित बनेगा।
गोरखपुर जोन में डिजिटल ड्यूटी प्रबंधन प्रणाली लागू होने से पुलिस बल के बेहतर संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। तकनीक आधारित यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों के काम को आसान बनाएगी, बल्कि आम जनता को भी अधिक प्रभावी और जवाबदेह पुलिसिंग का लाभ मिल सकेगा।