मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल की पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में सरकार असफल रही है। पानी के नमूनों में फीकल कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने की खबर को उन्होंने गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बताया।
जीतू पटवारी ने कहा कि जानकारी के अनुसार बड़े तालाब और कोलार जलापूर्ति से जुड़े पानी के नमूनों में निर्धारित मानकों से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़े तालाब से आने वाले पानी के कई नमूनों में सीवेज जनित बैक्टीरिया पाए गए हैं, वहीं कोलार क्षेत्र की जलापूर्ति के कुछ नमूने भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार विकास और सुशासन के दावे करती है, लेकिन राजधानी के नागरिकों को साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

जीतू पटवारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में लापरवाही करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
पटवारी ने कहा कि स्वच्छ पेयजल नागरिकों का मूल अधिकार है और इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि भोपाल के लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।