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चार साल में कूनो की बदली तस्वीर, 52 चीतों से श्योपुर की बढ़ी पहचान

कूनो चीता प्रोजेक्ट के चार वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर को श्योपुर के टिकटोली गेट पर विशेष आयोजन किया जाएगा, जहां हजारों दीप जलाए जाएंगे। वन विभाग के अनुसार भारत में वर्तमान में 52 चीते हैं, जिनमें 49 कूनो और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं। इनमें 32 चीते भारत में जन्मे हैं।

By: Nivedita 
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चार साल में कूनो की बदली तस्वीर, 52 चीतों से श्योपुर की बढ़ी पहचान

श्योपुर:  भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को भारत में बसाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की थी। इसके बाद कूनो और श्योपुर की पहचान देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बनी है।

17 सितंबर को कूनो में होगा विशेष आयोजन

चीता प्रोजेक्ट के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क के टिकटोली गेट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हजारों दीप जलाकर आयोजन किया जाएगा।

कूनो में बढ़ी चीतों की संख्या

वन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में भारत में कुल 52 चीते बताए गए हैं। इनमें 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में और तीन चीते गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद हैं।

 

भारत में जन्मे चीतों की संख्या भी बढ़ी

चीता पुनर्स्थापन परियोजना के तहत भारत में जन्म लेने वाले चीतों की संख्या भी बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में 52 चीतों में 32 का जन्म भारत में हुआ है। इसे परियोजना के तहत चीतों की आबादी बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है।

श्योपुर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी पहचान

कूनो में चीतों की मौजूदगी के बाद श्योपुर को एक नई पहचान मिली है। चीता प्रोजेक्ट के कारण देश-विदेश में कूनो नेशनल पार्क और श्योपुर की चर्चा बढ़ी है। चार वर्षों की इस यात्रा ने क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ाई है। 17 सितंबर को परियोजना की वर्षगांठ के मौके पर होने वाला दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम इसी यात्रा को यादगार बनाने की दिशा में एक आयोजन होगा।

 

रिपोर्ट – जेपी शर्मा

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