मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर स्थित डुमना नेचर पार्क में पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन प्रणाली की शुरुआत की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत मियावाकी पद्धति से बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान का आगाज किया।
डुमना नेचर पार्क में स्थापित की गई वर्षा जल संचयन प्रणाली के माध्यम से बारिश के पानी को संरक्षित किया जाएगा। यह व्यवस्था करीब 10 हजार वर्गफुट रूफ एरिया से प्राप्त वर्षा जल को एकत्रित करेगी और 30 फीट गहरे रिचार्ज बोर के जरिए भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगी। इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम उपयोग करना और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मियावाकी पद्धति से 11 लाख पौधों के महाअभियान की शुरुआत भी की। मियावाकी तकनीक कम समय में घने, आत्मनिर्भर और जैव विविधता से भरपूर वन विकसित करने की वैज्ञानिक पद्धति मानी जाती है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जैव विविधता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन पहलों के माध्यम से जल संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। डुमना नेचर पार्क में शुरू की गई ये योजनाएं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
वर्षा जल संचयन और बड़े पैमाने पर पौधरोपण जैसी पहल से न केवल भू-जल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को भी मजबूती मिलेगी। प्रशासन का उद्देश्य इन प्रयासों के जरिए प्रदेश में जल संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देना है।