केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को जानने के लिए नवागत संभागायुक्त दिलीप कुमार ने पन्ना जिले के ग्राम पटी बजरिया का दौरा किया। कृष्णा कल्याणपुर पंचायत के इस गांव में रह रहे 52 विस्थापित परिवारों से उन्होंने सीधे संवाद किया और पुनर्वास, मुआवजा तथा बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
दौरे के दौरान संभागायुक्त ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पुनर्वास प्रक्रिया, मुआवजा राशि और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
संभागायुक्त ने 1 जनवरी 2024 की कट-ऑफ डेट के आधार पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र वयस्कों और अन्य लंबित मामलों के निराकरण के लिए दो दिन के भीतर गांव में शिविर लगाने के निर्देश दिए। शिविर के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को मुआवजा राशि से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करने पर जोर दिया गया।
संभागायुक्त ने विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के साथ उनकी आजीविका को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने पशुपालन और आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों को गांव का दौरा कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार डेयरी एवं पशुपालन आधारित रोजगार योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य विस्थापित परिवारों को स्थायी आय के साधनों से जोड़ना है।

दौरे के दौरान ग्रामीणों ने बैंक खातों, आधार कार्ड में त्रुटियों और जन्म पंजीयन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी अधिकारियों को दी। संभागायुक्त ने तहसीलदार और पंचायत अमले को इन मामलों का जल्द निराकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों को दस्तावेजी प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा।
संभागायुक्त ने विस्थापित परिवारों को आवंटित जमीनों का भी निरीक्षण किया और वहां बनाए जा रहे मकानों की स्थिति देखी। उन्होंने ग्रामीणों से पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही विवाह के बाद पति-पत्नी का संयुक्त बैंक खाता खुलवाने और मिलने वाली राशि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ऊषा परमार, एसडीएम संजय कुमार नागवंशी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को विस्थापित परिवारों से जुड़े मामलों में समन्वय के साथ काम करने और लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।