सीएम अरविंद केजरीवाल ने सदन में फाड़ी कृषि कानून की कॉपी
दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने भाजपा द्वारा संचालित नगर निगमों एमसीडी में 2,400 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं पर चर्चा के लिए एक दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाया है।
Delhi CM @ArvindKejriwal rebukes BJP for corruption worth ₹2500 Cr in MCD.
— AAP (@AamAadmiParty) December 18, 2020
सत्र के दौरान, केंद्र सरकार के तीन कृर्षि कानूनों पर चर्चा के दौरान हंगामा हुआ। विचार-विमर्श के दौरान, केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कृर्षि कानूनों की प्रतियां फाड़ दी। सीएम केजरीवाल ने पूछा कि संसद में फार्म लॉ को कोरोना महामारी के दौरान संसद में पारित करने की क्या जल्दी थी?
केंद्र को दोषी ठहराते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार था जब राज्यसभा में एक वोट के बिना तीन कानून पारित किए गए थे। केजरीवाल ने केंद्र से की अपील कि वे अंग्रेजों से भी बदतर न हों।
What was the hurry to get Farm Laws passed in Parliament during pandemic? It has happened for 1st time that 3 laws were passed without voting in Rajya Sabha…I hereby tear 3 Farm laws in this assembly & appeal Centre not to become worst than Britishers: Delhi CM Arvind Kejriwal https://t.co/zvc2Dx1w3E pic.twitter.com/rUOACIQwp3
— ANI (@ANI) December 17, 2020
विधानसभा सत्र के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर किसान भगत सिंह बन गया है। सरकार कह रही है कि वे किसानों तक पहुंच रहे हैं और कृषि बिल के लाभों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के सीएम ने किसानों से कहा कि वे इन बिलों का फायदा उठाएंगे क्योंकि उनकी जमीन नहीं छीनी जाएगी। क्या यह सिर्फ लाभ के लिए है?
आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जय जवान, जय किसान का नारा लगाया। हालांकि, सदन में कृषि कानूनों पर चर्चा के दौरान, सत्तारूढ़ दल के विधायक मोहिंदर गोयल ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए नारेबाजी की। उन्होने कहा कि मैं इन काले कानूनों को मानने से इनकार करता हूं।
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी कृषि कानूनों पर किसानों के समर्थन में है और यह उनका हर संभव तरीके से समर्थन कर रही है।
यही नहीं, मुख्यमंत्री केजरीवाल समेत सभी मंत्री और नेता लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। जबकि एक दिन मुख्यमंत्री सहित पार्टी के अधिकांश नेता उपवास कर रहे हैं।