भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित “ग्राम रोजगार सहायक महासम्मेलन” में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया, जहां मुख्यमंत्री का त्रिशूल और चुनरी भेंट कर स्वागत किया गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सहायक शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायक गांवों के विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के डिजिटल भारत के सपने को साकार करने में रोजगार सहायकों का योगदान बेहद अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में योजनाओं के क्रियान्वयन और डिजिटल सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में रोजगार सहायकों की जिम्मेदारी लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्राम रोजगार सहायक पर दर्ज आपराधिक मामला बाद में गलत साबित होता है, तो संबंधित कर्मचारी को दोबारा सेवा में लिया जाएगा। इस घोषणा का सम्मेलन में मौजूद रोजगार सहायकों ने तालियों के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिवंगत हुए दो ग्राम रोजगार सहायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मृतक कर्मचारियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा घायलों के लिए निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करने और सामान्य घायलों को 50 हजार रुपए तथा गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए की सहायता देने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सहायकों के हितों और समस्याओं को गंभीरता से समझती है और उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं को मजबूत करने में रोजगार सहायकों की भूमिका को और सशक्त बनाया जाएगा। सम्मेलन के दौरान रोजगार सहायकों ने भी अपनी मांगों और समस्याओं को सरकार के सामने रखा। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।