रिपोर्ट: अनुष्का सिंह
नई दिल्ली: देश में एक और एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो चुका है। जिससे चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ चुकी है। नींद उड़े भी क्यों न, क्योंकि भारत ने अपनी सुरक्षा के नींव को और मजबूत कर लिया है। जिसे तोड़ पाना दोनों देशों के लिए कठीन है। वहीं जो पाकिस्तान लगातार अपनी हरकतों से भारत को परेशान करने की कोशिश कर रहा है, उसकी परेशानियों की भी हवा टाइट होने वाली है। क्योंकि आज पीएम मोदी ने देश को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के तौर पर एक बड़ा सौगात दिया है। जो सौगात पूर्वांचल के रहने वाले लोगों के लिए एक सौगात, जबकि पाकिस्तान और चीन के लिए एक विध्वंशक हथियार है, जिसके इस्तेमाल मात्र से ही पाक और चीन तबाह हो सकते है।
पीएम मोदी ने किया पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन
आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्धाटन किया है, जिसे बनाने में 22,500 करोड़ रुपये की लागत लगी है। 6 लेन का यह एक्सप्रेसवे लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ेगा। साथ ही इस एक्सप्रेस वे पर 3.2 किलोमीटर की एक हवाई पट्टी भी बनाई गई है ताकि आपात स्थिति में लड़ाकू विमान उतर सकें। इसे लेकर इस एक्सप्रेस वे पर एक एयर शो भी किया गया जिसमें घातक लड़ाकू विमान सुखोई, जगुआर और मिराज 2000 ने लैंडिंग की।
पाक और चीन की नींद हो सकती है हराम
आपको बता दें कि इन विमानों की गर्जना से पाकिस्तान और चीन की रातों की नींद हराम होने वाली है। क्योंकि अपने जिन मंसूबों के जरिए भारत को दहलाने की कोशिश कर रहे है, उन सभी मंसूबों पर एक के बाद एक हमारे सुरक्षाबलों द्वारा पानी फेर दिया जा रहा है। अब जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का भी उद्घाटन हो चुका है, उससे भारतीय सेना और भी सशक्त होंगी, क्योंकि उनके पास एक और आपातकालीन व्यवस्था है।
इससे पहले दो एक्सप्रेस-वे का हो चुका है उद्घाटन
बता दें कि इससे पहले ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फाइटर एयरक्राफ्ट उतारने की प्रेक्टिस पहले ही हो चुकी है। जिसके बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का पीएम मोदी का यह तोहफा कई इतिहास रचने वाली है। अगर हम गौर करें पीएम मोदी की इस नीति की तो, आपको बता दें कि पीएम मोदी ने देश के अलग-अलग राज्यों में 21 और हाइवे (Highway) को भी रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला लिया है, जिनमें से कुछ तैयार हो चुकी है और कुछ को तैयार किया जा रहा है।
बता दे कि रक्षा मंत्रालय ने परिवाहन मंत्रालय से इस फैसले पर सहमती ले ली है। और इसी के साथ रक्षा मंत्रालय ने भी सभी हाइवों का बारीकी से निरिक्षण कर लिया है। वहीं विमान की लैडिंग व टेकऑफ के लिए नेशनल हाइवे का चयन एयर फोर्स के अफसरों ने किया है। तो वहीं कुछ हाइवे पर जाँच अभी भी जारी है। आपको बता दें कि नेशनल हाइवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया हाइवे के कुछ हिस्से को एयर फोर्स के मापदण्डों पर बनवा रही है।
इन देशों में भी हो चुका है इस्तेमाल
आपको बता दें कि भारत से पहले भी कई देशो मे इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा चुका है। जिसमे सिंगापुर, स्वीडन, फीनलैंड, जर्मनी, पोलैंड, चीन गणराज्य (ताइवान) जैसे देश शामिल हैं। तो वहीं पाकिस्तान के पास भी पहले से ही दो रोड रनवे मौजूद हैं। जिसमे पाकिस्तान का पहला सड़क रनवे एम -1 है जो कि पेशावर से इस्लामाबाद हाईवे पर बनाया गया है तो वही दूसरा एम-2 इस्लामाबाद-लाहौर हाइवे पर है। जिसका इस्तेमाल वो जरूरत पड़ने पर कर सकता है। लेकिन जिस प्रकार भारत ने अपने एक्सप्रेस वे पाकिस्तान और चीन के लिए एक चुनौती बना दी है, उस चुनौती को पार कर पाना दोनों देशों के लिए मुश्किल है। क्योंकि भारत की एक्सप्रेस-वे सिर्फ एक एक्सप्रेस वे ही नहीं बल्कि एक विध्वंशक हथियार है। जो किसी भी युद्ध के परिणाम को बदल सकता है। साथ ही दुश्मन देशों के लिए सरदर्द भी।