उज्जैन में गंगा दशहरा के अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी धर्मपत्नी के साथ शिप्रा तीर्थ परिक्रमा में शामिल हुए और यात्रा पूर्ण कर रामघाट पहुंचे।
रामघाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मां शिप्रा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए मां शिप्रा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां शिप्रा को 351 फीट लंबी भव्य चुनरी अर्पित की। इस विशेष धार्मिक आयोजन के दौरान “हर-हर महादेव” और “जय मां शिप्रा” के जयकारों से पूरा रामघाट गूंज उठा।
कार्यक्रम में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। गंगा दशहरा पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मां शिप्रा केवल एक नदी नहीं, बल्कि उज्जैन की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान है। उन्होंने जल संरक्षण और नदी संवर्धन को जनभागीदारी से जोड़ने की अपील भी की।
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। रामघाट पर देर तक धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा।