नई दिल्ली : गर्भवती होकर भी अपने कर्तव्य को अंजाम देते हुए नर्स प्रभा चल बसी, लेकिन जाने से पहले वो एक नन्ही जान को अकेला छोड़ गई। दरअसल, कोरोना काल के बीच भी नर्स प्रभा लगातार अपने कर्तव्य को अंजाम दे रही थी। उन्होंने सिजेरियन ऑपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया। हॉस्पिटल में रहते हुए उन्हें कई बार बुखार आया। डिस्चार्ज होने पर जब वह घर पहुंची तो बुखार के साथ खांसी शुरू हो गई और कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद कोरोना ने उनकी जान ले ली।

जानकारी के मुताबिक, दिवंगत नर्स प्रभा की पोस्टिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरवार खुर्द के लोरमी जिला मुगेली में थी। जहां 9 माह से गर्भवती होते हुए भी वह कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रही थीं। गर्भावस्था के दौरान वह ग्राम कापादाह में ही किराए का एक कमरा लेकर अकेली रहती थीं। वह वहीं से हॉस्पिटल में आना-जाना करती थीं।
उनके पति भेजराज ने बताया कि प्रभा 9 माह की गर्भवती अवस्था में कोविड में ड्यूटी करती रहीं। 30 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें कवर्धा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्होंने सिजेरियन ऑपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया। हॉस्पिटल में रहते हुए उन्हें कई बार बुखार आया। डिस्चार्ज होने पर जब वह घर पहुंची तो बुखार के साथ खांसी शुरू हो गई।
एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें कवर्धा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान 21 मई की रात उनकी मृत्यु हो गई। उनके पति भेजराज ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रभा को कहा कि छुट्टी ले लो लेकिन प्रभा गर्भवती होते हुए भी अपने कर्तव्य पर डटी रही।