जीएसटी काउंसिल की 43 वीं बैठक से ठीक पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संवाददाता सम्मेलन कर रही हैं। वित्त मंत्री इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेस्टिव सीजन से पहले उपभोक्ता मांग को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ घोषणाएं लेकर आई हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने एलटीसी कैश वाउचर की घोषणा की है। साथ ही वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति के बारे में रिपोर्ट कार्ड भी पेश कर सकती है।
केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए 10,000 रुपये के फेस्टिवल एडवांस की सरकार ने घोषणा की है। केंद्र सरकार इस स्कीम के तहत सभी रैंक और श्रेणी के कर्मचारियों को 10,000 रुपये का प्रीपेड रुपे कार्ड देगी। इसका इस्तेमाल 31 मार्च, 2021 तक किसी भी त्योहार के लिए किया जा सकेगा।
सातवें वेतन आयोग में एडवांस का कोई प्रावधान नहीं था। हालांकि, इस बार सरकार ने त्योहारों के मौसम में 10 हजार रुपये का यह एडवांस देने की घोषणा की है। कर्मचारी 10 किस्त में इसे लौटा सकेंगे। यह पूरी तरह से ब्याज मुक्त एडवांस होगा।इसमें बैंक चार्ज सरकार वहन करेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एलटीसी कैश वाउचर के तहत सरकारी कर्मचारी यात्रा के लिए रिअम्बर्समेंट की बजाय कैश क्लेम कर सकते हैं।
एलटीसी कैश का इस्तेमाल 31 मार्च, 2021 से पूर्व सामानों की खरीद, यात्रा टिकट के तीन गुना के बराबर SVCS के लिए किया जा सकेगा। वहीं, वे एक बार लीव एक इन्कैशमेंट का लाभ भी उठा सकते हैं। उचित भुगतान कर मुक्त होगा; वहीं, लीव इन्कैशमेंट पर पहले की दर से टैक्स देय होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि LTC Cash Voucher Scheme’ से 28,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उपभोक्ता मांग पैदा होगी।
सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 का असर दुनियाभर में देखने को मिला, लेकिन सरकारी कर्मचारियों पर उस तरह का आर्थिक तनाव नहीं पड़ा।
इस अवधि में सरकारी कर्मचारियों की बचत में वृद्धि हुई है। इसी कड़ी में उपभोक्ता मांग को बढ़ाने के लिए यात्रा अवकाश भत्ता का नकद वाउचर दिया जाएगा। इससे आम लोगों को भी मदद मिलेगी, क्योंकि सरकारी कर्मचारियों द्वारा खर्च की गई राशि से इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से इकोनॉमी पर विपरीत असर देखने को मिला है। आत्मनिर्भर पैकेज और उसके बाद के पैकेज में गरीब और कमजोर तबकों की जरूरतों का ख्याल रखा गया। उन्होंने कहा कि आपूर्ति से जुड़ी दिक्कत में अब कमी आई है लेकिन उपभोक्ता मांग अब भी प्रभावित है।