दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनीं रेखा गुप्ता आज रामलीला मैदान में दोपहर 12:30 बजे सीएम पद की शपथ लेंगी। उनके साथ छह विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता शामिल हो रही है।
दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनीं रेखा गुप्ता आज रामलीला मैदान में दोपहर 12:30 बजे सीएम पद की शपथ लेंगी। उनके साथ छह विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता शामिल हो रही है।
रेखा गुप्ता के दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बनने की घोषणा होते ही सोशल मीडिया पर उनका जबरदस्त दबदबा देखने को मिला। सिर्फ तीन घंटे में ही उनके ट्विटर (X) फॉलोअर्स 43 हजार से अधिक बढ़ गए, जिससे वह कई दिग्गज नेताओं से आगे निकल गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में पहले SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। इस खास अवसर पर वह सभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और उद्घाटन भाषण देंगे।
दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रेखा गुप्ता आज रामलीला मैदान में दोपहर 12:30 बजे दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। उनके साथ छह अन्य मंत्री भी शपथ ग्रहण करेंगे। राजधानी में इस समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं, जिसमें 25,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
भारतीय जनता पार्टी की नेता रेखा गुप्ता आज, 20 फरवरी, को दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इस ऐतिहासिक मौके से पहले उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि पार्टी द्वारा किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी।
दिल्ली की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ छह मंत्री भी शपथ लेंगे। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से रेखा गुप्ता को दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री चुना गया।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में किसी दलित विधायक को नियुक्त करने की अपील की है। उन्होंने बुधवार को केजरीवाल को पत्र लिखकर यह मांग की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बुधवार को कहा कि मोदी सरकार आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 2024 के दौरान बाढ़, भूस्खलन और चक्रवाती तूफानों से प्रभावित पांच राज्यों को 1554.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की मंजूरी दी है।
भारत सरकार ने कपड़ा निर्यात को बढ़ाने की बड़ी योजना बनाई है। सरकार के अनुसार, वर्तमान में कपड़ा निर्यात 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसे 2030 तक तीन गुना बढ़ाकर 9 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की सरकार बनने जा रही है, और इस ऐतिहासिक मौके को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। रामलीला मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी के स्वागत की एक खास योजना बनाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, राजधानी की 250 झुग्गी-झोपड़ी इलाकों के प्रधानों को समारोह में बुलाया गया है, जो पीएम मोदी का मंच पर स्वागत करेंगे।
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में बजट 2025 पेश किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। बजट में स्टेट हाईवे एलिवेटेड रोड, नए बसों की सुविधा, जयपुर मेट्रो फेज-2, और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को लेकर बड़े ऐलान किए गए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों से प्रदेश 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज बुधवार को कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी मतदान है। हर भारतीय नागरिक जो 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुका है, उसे मतदाता बनना चाहिए और अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।"
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की उपस्थिति में पारंपरिक जल कलश समारोह के साथ जल सुरक्षा पर दूसरे राज्य जल मंत्रियों के सम्मेलन का भव्य उद्घाटन किया।
दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजधानी के विकास को लेकर एक बड़ा संदेश दिया है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) हैंडल पर एक पोस्टर जारी किया, जिसमें लिखा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्तियों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। 2023 में बने कानून को चुनौती देने वाली इन याचिकाओं में कहा गया है कि सरकार ने संविधान पीठ के आदेश की अनदेखी करते हुए नियुक्तियां की हैं।