नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन आज यानी 20 जनवरी 2021 को राष्टपति पद का शपथ लेने वाले हैं, जिसे लेकर वो लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कभी अपने राजनीतिक करियर को लेकर, तो कभी अपने पर्सनल जीवन को लेकर। लेकिन पिछले कुछ दिनों से बाइडेन भारत को लेकर चर्चा में हैं, जिसका जिक्र उन्होंने कई बार किया है।

गौरतलब है कि बाइडेन राष्ट्रपति पद का शपथ लेने के बाद जल्द ही भारत आने का विचार कर रहें है, क्योंकि वे अपने उन रिश्तेदारों से मिलना चाहते हैं, जिनके बारे में उन्हें आज से 48 पहले मालूम चला। अब आप सोच रहें होंगे की 48 साल पहले क्या हुआ, तो ये आप भी जानते हैं कि भारत 200 वर्षों तक अंग्रेजों का गुलाम था, उसी वक्त बाइडेन का वो रिश्तेदार मुंबई के नागपुर शहर में बस गया।
बाइडेन को इस बात की जानकारी तब मिली, जब 1972 में उन्हें एक खास चिट्ठी मिली। इस चिट्ठी में उन्होंने जो बाइडेन को बधाई दिया था। गौरतलब है कि 1972 में बाइडेन को सीनेटर के रूप में चुना गया था। इसके बाद उनके पास कई बधाई संदेश आये, जिसमें से एक चिट्ठी उनके इस गुमनाम रिश्तेदार की भी थीं, जिनके बारे में बाइडेन भी नहीं जानते थे।

उन्होंने कई बार इस रिश्तेदार से मिलने का जिक्र भी किया, लेकिन अपनी राजनीतिक करियर में व्यस्त होने के कारण वे उनसे मिल ना सकें। जिसका मलाल उन्हें आज भी है। 2013 में मुंबई आने के बाद बाइडेन ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में स्पीच दी थी। उसमें उन्होंने इस रिश्तेदार का जिक्र किया था।
उन्होंने कहा था कि हो सकता है ये उनका कोई ऐसा रिश्तेदार हो जो 1848 ईस्ट इंडिया कंपनी के जरिये भारत आया हो। हो सकता है ये लोग उनके पूर्वज हों। जो भारत आने के बाद यहीं बस गए हों। इसके साथ ही उन्होंने एक बार मुंबई से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थीं, उन्होंने एक बार मजाकिया अंदाज में कहा था कि अगर उनके पूर्वज भारत में हैं, तो वो मुंबई से चुनाव लड़ सकते हैं।

अब आप सोच रहें होंगे कि आखिर बाइडेन का वो रिश्तेदार कौन था, तो आपको हम बता दें कि बाइडेन का वो रिश्तेदार सोनिया बाइडेन फ्रांसिस हैं। जब बाइडेन ने चुनाव जीता उसके बाद ही ये परिवार चर्चा में आ गया। सोनिया का कहना है कि बाइडेन रिश्ते में उनके भाई लगते हैं। वो नागपुर में आकर बसी, जो लेस्ली बाइडेन द्वारा नए राष्ट्रपति से जुडी हैं।
आपको बता दें कि लेस्ली बाइडेन ने 1923 में भारत में बस गई थी। इसके बाद 1970 से 80 के दशक में अखबार में जब उन्होने जो बाइडेन को देखा फिर उन्होंने अमेरिका में खत लिखा था। लेस्ली की ये चिट्ठी अब भी बाइडेन के पास है। हालांकि, 1983 में लेस्ली की मौत हो गई, जिसके बाद उनके पति ने बाइडेन से संपर्क नहीं किया। हालांकि, लेस्ली की फैमिली अब भी नागपुर और मुंबई में रह रही है। इन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति बनने के बाद अब अगर कभी बाइडेन भारत आएंगे तो उनसे जरूर मिलेंगे। हालांकि, तब तक ये लोग गुमनामी में रहना पसंद करेंगे।