नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर में पूरी तरह से डूब चुका दिल्ली अब धीरे-धीरे महामारी के इस संकट से उबर रहा है। लेकिन अब उसके सामने सबसे बड़ी समस्या आ गई है कोवैक्सीन की, जिसे देने से भारत बायोटेक ने इंकार कर दिया है। दरअसल कोवैक्सीन का उत्पादन भारत बायोटेक कंपनी कर रही है। इसे लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट से कुल 1.34 करोड़ वैक्सीन की मांग की थी लेकिन कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने और वैक्सीन देने से इनकार कर दिया है।
दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोवैक्सीन ने कल चिट्ठी लिखकर वैक्सीन देने से इंकार कर दिया है क्योंकि वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इस दौरान सिसोदिया ने भारत बायोटेक की ओर से भेजी गई चिट्ठी पढ़ी। उसमें लिखा है कि, ‘हम संबंधित सरकार के अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार राज्यों को वैक्सीन दे रहे हैं। जितना केंद्र कह रहा है उससे ज्यादा वैक्सनी नहीं दे सकते।’
सिसोदिया ने आगे कहा कि, “जाहिर सी बात है ये केंद्र सरकार के अधिकारी हैं। अब कोवैक्सीन की सप्लाई दिल्ली को बंद है। उन्होंने साफ लिखित में कहा है कि केंद्र सरकार के हिसाब से वैक्सीन देनी है। मतलब कितनी वैक्सीन किस राज्य को जाएगी, कितनी विदेशों को भेजी जाएगी, ये केंद्र सरकार तय कर रही है।”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘हमारे पास वैक्सीन का जो भी स्टॉक था वो खत्म हो गया है। हमारे पास कोविशिल्ड के जो सेंटर थे वे चल रहे हैं। कोवैक्सीन के सेंटर हमें बंद करने पड़े हैं। 17 स्कूलों में 100 से ज्यादा कोविशील्ड के सेंटर बंद करने पड़े हैं।’ गौरतलब है कि कोरोना के दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से जूझने वाले दिल्ली को अब कोवैक्सीन की कमी का भी सामना करना पड़ेगा। अब देखना यह है कि इस वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से क्या जवाब आता है।