किसानों के हित में केंद्र रकार की ओर से बुधवार को बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को फसल बीमा योजना में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसे किसानों के लिए स्वैच्छिक बना दिया गया। ऐसे में अब किसान खुद ही तय कर पाएंगे कि वह अपनी फसल का बीमा कराना चाहते हैं या नहीं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को तीन प्रमुख फैसले लिए, इनमें से सबसे पहले मंत्रिमंडल ने 22 वें विधि आयोग के गठन को मंजूरी दी है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जामकारी देते हुए कहा कि, यह आयोग सरकार को जटिल कानूनी मुद्दों पर सलाह देगा। दूसरा अहम फैसला फसल बीमा को लेकर किया गया है। कृषि मंत्री ने इस संबंध में बताया कि मंत्रिमंडल ने फसल बीमा योदना में संशोधन को मंजूरी दे दी, इसे किसानों के लिए स्वैच्छिक बनाया गया है। तीसरे फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सहायक प्रजनन तकनीक विधेयक को मंजूरी दी। जावड़ेकर ने कहा कि इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा।
सहाजय प्रजनन तकनीक विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें महिलाओं के प्रजनन अधिकारों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और स्मृति ईरानी ने कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि, इस विधेयक को जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। ईरानी ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके तहत एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री और पंजीकरण प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव किया गया है जो सभी चिकित्सा पेशेवरों और इससे जुड़ी तकनीक का उपयोग करने वाले प्रतिनिधियों पर लागू होगा।