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40 डिग्री गर्मी में जूझता आंगनबाड़ी केंद्र, तीन महीने से बिजली ठप

सीहोर के वार्ड क्रमांक 22 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद खराब है, जहां पिछले तीन महीनों से बिजली नहीं है और बच्चों को भीषण गर्मी में बिना पंखे, पानी और शौचालय के बैठना पड़ रहा है। जर्जर भवन और कीड़े-मकोड़ों की समस्या से बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभागीय अधिकारी ने केंद्र को दूसरे भवन में स्थानांतरित करने की बात कही है।

By: Nivedita 
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40 डिग्री गर्मी में जूझता आंगनबाड़ी केंद्र, तीन महीने से बिजली ठप

सीहोर (मध्य प्रदेश)। जिले के वार्ड क्रमांक 22 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति सामने आई है, जहां भीषण गर्मी के बीच छोटे बच्चे बुनियादी सुविधाओं के बिना रहने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए भारी बजट खर्च करने के दावों के बीच जमीनी हकीकत चिंताजनक नजर आ रही है।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

आंगनबाड़ी केंद्र में पिछले लगभग तीन महीनों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। इसके चलते बच्चों को बिना पंखे, बिना पीने के पानी और बिना शौचालय के अत्यधिक गर्मी में बैठना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि केंद्र का फर्श भी लंबे समय से जर्जर अवस्था में है।

सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, जर्जर फर्श से कई बार सांप और जहरीले कीड़े निकलते देखे गए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अव्यवस्थाओं के कारण बच्चे यहां आने के बाद अक्सर बीमार पड़ जाते हैं।

टीकाकरण के दौरान भी परेशानी

केंद्र में प्रत्येक सप्ताह बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है, लेकिन बिजली न होने के कारण भीषण गर्मी में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी स्टाफ भी कठिन परिस्थितियों में कार्य करने को मजबूर है।

विभागीय स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन

इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी ज्ञानेश खरे ने बताया कि स्थिति की जानकारी मिल चुकी है और आंगनबाड़ी केंद्र को जल्द ही दूसरे भवन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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जिम्मेदारियों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जारी इस समस्या के बावजूद सुधार नहीं होना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। अब सवाल यह है कि आखिर बच्चों की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है।

 

रिपोर्ट – कन्हैया नाथ

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