{ श्री अचल सागर जी महाराज की कलम से }
आखिरकार सौ साल के अंतराल के बाद एक अनहोनी घटना हो ही गयी। एक ऐसी घटना जिसने पुरे विश्व को संकट में डाल दिया है।
पूरी दुनिया इस वक्त इस महामारी से बचने के रास्ता खोज रही है लेकिन कोरोना नाम की इस बीमारी का इलाज़ नहीं मिल रहा है।
लोग बीमार होते जा रहे है और पूरी दुनिया की इकोनॉमी चरमरा गयी है। लोग बीमार होने के डर से ही घबरा रहे है।

इस संकट में हमारी कई लापरवाही भी सामने आयी जैसे दिल्ली की मरकज में आये लोगों से जो कोरोना का विस्तार हुआ।
इसके अलावा पुरे देश से आनन् फानन में जो इन मजदूरों का पलायन हो रहा है वो भी आने वाले समय में लोगों को बीमार कर सकता है।
मजदूरों को वही रोककर उनका इंतज़ाम करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसके कारण भी यह महामारी बढ़ती जा रही है।
सरकारें काम कर रही है लेकिन वो काफी नहीं पड़ रहा है। ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई महामारी सौ साल बाद आयी है और उसमे सबको संकट में डाल दिया है।