लखनऊ : लखीमपुर खीरी में देर रात जारी हिंसा का बवाल अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसपर लगातार राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही है। एक तरफ जहां योगी सरकार इस मामले में सख्त कदम उठा रहे है। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां लगातार योगी सरकार पर हमलावर है। आपको बता दें कि इस हिंसा मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रियंका गांधी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया है।

दरअसल लखीमपुर खीरी में हिंसा के बाद धारा144 लागू कर दिया गया है। वहीं इंटरनेट सेवाओं को भी ठप कर दिया गया है। जिससे लोग इस हिंसा को कोई राजनीतिक रंग दे न सकें। वहीं किसी तरह की कोई हिंसा न हो। प्रशासन की ओर से इजाजत न दिए जाने के बाद अखिलेश यादव अपने घर के बाहर ही तमाम सपा कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। वहीं प्रशासन ने अखिलेश के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी है।
आपको बता दें कि इस हिंसा को लेकर अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि, ”किसानों पर अंग्रेजों से भी ज्यादा जुल्म हुआ है। सरकार किसी की भी जान ले सकती है। भाजपा की सरकार असफल हुई है, गृह राज्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।”
अखिलेश यादव ने कहा कि, ”जिन किसानों की जान गई उनके परिवार को सरकारी नौकरी और 2 करोड़ की मदद हो। किसानों की मदद सरकार को करना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की भी दौरा था उनकी भी जिम्मेदारी है उनको भी इस्तीफा देना चाहिए।”
अखिलेश ने कहा कि, ”सरकार सच्चाई दबा रही है, आज से आंदोलन नहीं चल रहा है। किसानों की मांग है कानून रद्द करो।” अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस के लोग गाड़ी जला रहे हैं।
लखीमपुर में कल क्या हुआ?
दरअसल यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर खीरी में आयोजित कुश्ती कार्यक्रम में आना था। डिप्टी सीएम के पहुंचने से पहले किसान, कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। इससे बाद गुस्साए किसानों ने 2 SUV कार को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में अब तक कई लोगों की मौत हो गई है। हिंसा की खबर के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपना लखीमपुर दौरा रद्द कर दिया।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा- योगी आदित्यनाथ
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने ट्विटर पर लिखा, ”घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, हम तह तक जाएंगे और हिंसा में शामिल सभी को बेनकाब करेंगे, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” लखीमपुर हिंसा पर योगी सरकार ने बड़ी बैठक भी की। ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बैठक में घटना की पूरी जानकारी दी।
आइए जानते हैं कि लखीमपुर हिंसा में अब तक कितने लोगों का जान गई है और उनका क्या नाम और पता है-
1- रमन कश्यप ( स्थानीय पत्रकार)
2- दलजीत सिंह (32) पुत्र हरजीत सिंह- नापपारा, बहराइच (किसान)
3- गुरविंदर सिंह (20) पुत्र सत्यवीर सिंह- नानपारा, बहराइच (किसान)
4- लवप्रीत सिंह (20) पुत्र सतनाम सिंह- चौखडा फार्म मझगईं (किसान)
5- छत्र सिंह पुत्र अज्ञात (किसान)
6- शुभम मिश्र पुत्र विजय कुमार मिश्र, शिवपुरी (बीजेपी नेता)
7- हरिओम मिश्र पुत्र परसेहरा, फरधान (अजय मिश्रा का ड्राइवर)
8- श्यामसुंदर पुत्र बालक राम सिंघहा, कलां सिंगाही (बीजेपी कार्यकर्ता)
तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत!
इस हिंसा में तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। इनके नाम हैं- हरिओम मिश्र, शुभम मिश्र और श्याम सुंदर। हरिओम बीजेपी कार्यकर्ता के साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के ड्राइवर थे। परिवार की गाड़ी चलाते थे। वह चार बहनों के इकलौता भाई थे। शुभम मिश्र, बीजेपी बूथ अध्यक्ष थे और दो साल पहले शादी हुई थी। श्याम सुंदर, बीजेपी कार्यकर्ता थे।