रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज गेंदबाज और रफ्तार के बादशाह कहे जाने वाले डेल स्टेन ने मंगलवार को क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इस बात की जानकारी उन्होने ट्वीटर के माध्यम से दी है। स्टेन न सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के बल्कि दुनिया के उन गेंदबाजों में शुमार है, जिनके नाम से ही बल्लेबाज कांपने लगते हैं।

स्टेन ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 93 टेस्ट, 125 वनडे और 47 टी-20 मुकाबले खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 439 विकेट हासिल किए हैं। आपको बता दें कि डेल स्टेन ने साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया और तब से वे सीमित ओवरों के मैच खेल रहे थे। उन्होंने अपने करियर का आखिरी टी-20 मैच फरवरी 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।
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— Dale Steyn (@DaleSteyn62) August 31, 2021
स्टेन पिछले कुछ सालों से चोट से जूझ रहे थे। नवंबर 2016 में दक्षिण अफ्रीका के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उन्हें कंधे में चोट लगी थी। तब से वह लगातार चोट का शिकार होते रहे। स्टेन सोशल मीडिया के माध्यम से संन्यास का घोषणा करते हुए कहा कि: “आज मैं आधिकारिक तौर पर उस खेल से संन्यास ले रहा हूं जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। कड़वा लेकिन आभारी।”
उन्होने आगे लिखा, “आज मैं औपचारिक रूप से उस खेल से संन्यास लेता हूं जिससे मैं सबसे अधिक प्यार करता हूं। सभी को धन्यवाद, परिवार से लेकर टीम के साथियों, पत्रकारों से लेकर प्रशंसकों तक, यह एक साथ शानदार सफर रहा।”
उन्होने संन्यास लेने की घोषणा करने वाले अपने पत्र में अमेरिका के रॉक बैंड ‘काउंटिंग क्रोज’ के गाने का जिक्र करते हुए अपनी भावनाओं को उजागर किया। उन्होने लिखा कि, ‘‘यह ट्रेनिंग, मैच, यात्रा, जीत, हार, उपलब्धियों, थकान, खुशी और भाईचारे के 20 साल रहे। बताने के लिए काफी यादगार पल हैं। कई लोगों को धन्यवाद देना है। इसलिए इसे मैं विशेषज्ञों पर छोड़ देता हूं, मेरा पसंदीदा बैंड, काउंटिंग क्रोज।’
डेल स्टेन जब भी मैदान पर गेंदबाजी करने उतरते थे, तो सामने खड़े बल्लेबाज के पैरों में कपकपी होने लगती थी। बल्लेबाज यही सोचता रहता था कि कौन सी गेंद कानों के पास से सीटियां बजाती हुई निकलेगी और कौन सी गेंद स्टंम्प उखाड़ देगी। वो 150 किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद करते थे। उनकी खासियत यह थी कि तेज गति से स्विंग भी करा लेते थे।
साल 2008 में स्टेन को ICC प्लेयर ऑफ द ईयर अवार्ड (टेस्ट) से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा भी उनके नाम कई अवॉर्ड हैं। साल 2013 में उन्हें विजडन लीडिंग क्रिकेटर अवॉर्ड, साल 2011 और 2014 में उन्हें ICC ODI टीम ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड मिला था। इसके अलावा 2012 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।
स्टेन के संन्यास लेने से न सिर्फ साउथ अफ्रीका को भारी क्षति हुई है, बल्कि मैदान पर एक खतरनाक गेंदबाज कम हो गया। जो तेज गेंद फेंकने के साथ-साथ गुस्सा भी दिखाता था। विकेट चटकाने पर खुशी भी मनाता था।