बुरहानपुर। आगामी मोहर्रम सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुरहानपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.बी. प्रदीप शेण्डे एवं नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में जिले के 120 कोटवारों को विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
रेणुका पुलिस लाइन में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन रक्षित निरीक्षक सुनील दीक्षित द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद इन कोटवारों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में विधिवत अधिकार प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस विभाग का सहयोग कर सकेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान कोटवारों को कानून-व्यवस्था प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, सूचना संकलन, जनसंपर्क और आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।इसके अलावा उन्हें त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या कानून-व्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षित कोटवार स्थानीय स्तर पर पुलिस और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
अधिकारियों के अनुसार, कोटवार अपने क्षेत्र की सामाजिक परिस्थितियों और स्थानीय गतिविधियों से भलीभांति परिचित होते हैं। ऐसे में उनकी भागीदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित विवादों को समय रहते रोकने में मददगार साबित होगी।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में कोटवार आगामी मोहर्रम, धार्मिक जुलूसों और अन्य सामाजिक आयोजनों के दौरान पुलिस बल के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बुरहानपुर पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सकेगी।
रिपोर्ट : राजू सिंह राठौड़