उज्जैन में मां शिप्रा परिक्रमा के समापन अवसर पर रामघाट पर भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। इस दौरान भक्ति, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने शिप्रा तट से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध भजन गायिका एवं विधायक मैथिली ठाकुर ने अपनी टीम के साथ भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने मंच पर उन्हें सम्मानित किया और कहा कि कलाकार भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को विश्वभर में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान रामघाट परिसर भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “जय मां शिप्रा” के उद्घोष के साथ भक्ति रस में डूबे नजर आए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिप्रा नदी के धार्मिक महत्व, जल संरक्षण और उज्जैन के सांस्कृतिक वैभव पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन केवल एक धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र भी है।
इस अवसर पर साधु-संत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरा कार्यक्रम एक भव्य धार्मिक उत्सव में बदल गया।