यस बैंक ने आज कहा है कि उसने भारतीय रिजर्व बैंक को स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी के पूरे 50,000 करोड़ रुपये पूरी तरह से चुका दिया है।
बैंक के चेयरमैन सुनील मेहता ने गुरुवार को आयोजित शेयरधारकों की सालाना आम बैठक में इसकी जानकारी दी। मेहता ने शेयरधारकों को बताया, हमने आरबीआई को 8 सितंबर को एसएलएफ के 50,000 करोड़ रुपये की पूरी राशि चुका दी है।
मेहता ने कहा कि उन्हें यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि एसएलएफ के तहत लिया गया पूरा पैसा वक्त से पहले चुका दिया गया।
यस बैंक ने आरबीआई से उस वक्त पैसे लिए थे, जब उसे लग रहा था कि डिपोजिटर तेजी से अपना पैसा निकाल सकते हैं। मार्च में RBI ने यस बैंक पर मोरटोरियम लागू कर दिया था जिसके बाद यस बैंक के ग्राहक अपने खातों से सीमित पैसा ही निकाल सकते थे।
निवेशकों के सवालों को संबोधित करते हुए, क्या बैंक का भारतीय स्टेट बैंक के साथ विलय होने वाला था ? मेहता ने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं थी. उन्होंने कहा, न तो बैंक और न ही किसी प्राधिकरण ने ऐसे किसी प्रस्ताव पर चर्चा की है जहा तक मैं जानता हूं।