रिपोर्ट: गीतांजली लोहनी
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा में मनोज कुमार को भारत कुमार से जाना जाता है। वैसे जबसे मनोज कुमार की हेल्थ डाउन हुयी है तब से वो लाइमलाइट से दूर है पर एक समय ऐसा भी था जब मनोज कुमार के नाम का खूब जलवा था। वो मनोज कुमार ही थे जिन्होंने अमिताभ बच्चन सहित कई एक्टरो को कामयाबी दिलाने में मदद की थी।

पर आज हम मनोज कुमार की नहीं उनके बेटे कुणाल गोस्वामी की बात कर रहे हैं। वैसे कुणाल गोस्वामी ने बतौर चाइल्ड एक्टर फिल्म क्रांति से अपने फिल्मी करियर का आगाज किया था। पर कुणाल जब बड़े हुए तो पिता मनोज कुमार ने अपने बेटे को लॉन्च करने के लिए फिल्में बनायी। लेकिन कोई भी फिल्म कुणाल गोस्वामी के करियर को पहचान नहीं दिला पायी। कुणाल गोस्वामी ने एक्ट्रेस श्रीदेवी के साथ फिल्म कालाकार भी की जिसके गाने भी खूब पसंद किये गये थे। लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पायी थी।

फिल्म कलाकार के बाद घुंघरु और दो गुलाब जैसी फिल्मों में भी कुणाल ने काम किया । यहां तक कुणाल ने गोविंदा के साथ भी काम किया लेकिन फिर भी कुणाल का सिक्का बॉलीवुड में नहीं चल पाया। कुणाल अपने पिता मनोज कुमार जैसी कामयाबी सिनेमा स्क्रीन पर नहीं पा सके।

कुणाल की एक्टिंग स्कील्स लोगों को पसंद नहीं आ रही थी। कुणाल का लुक तो अपने पिता जैसा ही था लेकिन एक्टिंग के हुनर में वो काफी पीछे रह गए। हालांकि मनोज कुमार ने बहुत कोशिशें की और साल 1991 में जय हिंद नाम की फिल्म भी कुणाल को लेकर बनायी लेकिन वो भी नहीं चल पायी। थक हार कर कुणाल गोस्वामी ने फिल्मों से अलविदा कह दिया औऱ उन्होंने अपने फैमिली बिजनेस को आगे बढ़ाना ही ठीक समझा।

कुणाल गोस्वामी आज इसी बिजनेस को संभाल रहे है जो है कैटरिंग का। कुणाल का ये बिजनेस राजधानी दिल्ली में बखुबी चल रहा है।और कुणाल इस बिजनेस में कामयाब भी है।
