नई दिल्ली : इक प्यार का नगमा है, मोहब्बत है क्या चीज, जिंदगी की ना टूटे लड़ी, मेघा रे मेघा रे मत जा तू परदेश ये गानें तो आपको भलीभांती याद होगा, जिसे शब्दों में पिरोया था, मशहूर गीतकार संतोष आनंद ने। जो आज भी अपने बेटे की मौत को भूला नहीं सकें है, जिसकी जान प्रशासनिक भ्रष्टाचार ने लिया। संतोष आनंद ने बताया कि साल 2014 में उनके बेटे संकल्प ने सुसाइड कर लिया था। उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जब वो खुद शारीरिक रूप से लाचार हैं। इतना ही नहीं उन्हें बिल तक चुकाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आनंद ने बताया कि शादी के 10 साल बाद उन्हें बेटा पैदा हुआ था, जिसका नाम उन्होंने संकल्प रखा खा। संकल्प गृह मंत्रालय में आईएएस अधिकारियों को सोशियोलॉजी और क्रिमिनोलॉजी पढ़ाते थे। लेकिन वो काफी समय से मानसिक रुप से परेशान थे और संबंधित बीमारियों से उन्हें सामना करना पड़ रहा था। आत्महत्या करने से पहले संकल्प ने 10 पन्नों का नेट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने गृह मंत्रालय के कई अधिकारियों का नाम शामिल था। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि करोड़ों के फंड में गड़बड़ी के चलते इन अधिकारियों ने उन्हें सुसाइड के लिए मजबूर किया।

संतोष आनंद के बेटे संकल्प 15 अक्टूबर 2014 को पत्नी नंदनी और मासूम बच्ची ऋद्धिमा के साथ दिल्ली से मथुरा पहुंचे, जहां उन्होंने पत्नी, बच्ची सहित कोसीकलां कस्बे के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। जिसके बाद दोनों ने कोसीकलां कस्बे के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। हालांकि इस हादसे में उनकी बेटी की किसी तरह बच गई थी। खबरों की मानें तो आनंद के बेटे ने ये जोखिम भरा कदम 250 करोड़ रूपये के घपले को लेकर उठाया। जिसे लेकर गृह मंत्रालय ने तो जांच का आदेश दे दिया, लेकिन 7 साल बाद भी अभी तक उन रहस्यों से पर्दा नहीं उठ सका है।
आपको बता दें कि आज भी 4 साल की नन्ही बिटिया ऋद्धिमा अपने दर्द से कराह रहीं है, और अपने पिता और मां को याद कर रही है। वहीं 81 साल की उम्र के इस पड़ाव में भी संतोष आनंद खुद बिल और अन्य खर्चों का भुगतान कर रहे है। बता दें कि हाल ही में उन्हें इंडियन आइडल के 12वें सीजन में देखा गया। जहां वो व्हीलचेयर पर बैठे नजर आएं।