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शाहीन बाग: आखिर आंदोलन करने वालों की फंडिंग कौन कर रहा है ?

By: RNI Hindi Desk 
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शाहीन बाग: आखिर आंदोलन करने वालों की फंडिंग कौन कर रहा है ?

केंद्र सरकार ने जबसे नागरिकता कानून लागू किया है तबसे देश का विपक्ष भोली भाली जनता को गुमराह करने में लगा हुआ है और इस कानून के खिलाफ देश में कई जगह पर विरोध किये जा रहे हैं, एक तरफ बीजेपी है जो देश भर में रैलियों के माध्यम से देश की जनता को जागरूक करने में लगी हुई है वहीं विपक्ष और मीडिया अपने भ्रामक प्रचार से अराजकता फैलाने में लगा हुआ है।

देश में कई जगह हो रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली का शाहीन बाग चर्चा का विषय बना हुआ हैं, दरअसल यहां पिछले एक महीनें से नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन हो रहे है, यहां हजारों लोग महीनें भर से धरने पर है वहीं अब इस आंदोलन की फंडिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं।

दरअसल सत्ताधारी पार्टी बीजेपी की और से यह आरोप लगाया गया है कि शाहीन बाग में हो रहा आंदोलन कांग्रेस की और से प्रायोजित है, बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इस पुरे मामले पर ट्वीट किया और एक वीडियो शेयर किया हैं, उन्होंने दावा किया है कि शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है।

इस वीडियो को ध्यान से सुनने पर पता चलता है कि वीडियो में कुछ लड़के बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जो भी महिलाएं धरने पर बैठी हैं उन्हें भोजन और अन्य जलपान के अलावा 500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है।

इसमें दावा किया गया है जो महिला जितने अधिक घंटे बैठती है, उसे उतना अधिक पैसा मिलता है। वीडियो में एक शख्स कहता है कि ‘शिफ्ट में लोग आते हैं। धरना स्थल पर लोग कम नहीं होने चाहिए, उसी हिसाब से पेमेंट होता है। औरतें पैसे कमा रही हैं, 1-1 साल के बच्चे को लेकर बैठती हैं। इस वीडियो को देखने के बाद यह साफ़ नज़र आ रहा है कि किस तरह इस आंदोलन के माध्यम से देश की सरकार को बदनाम किया जा रहा है।

सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि देश में कई ऐसे लोग हैं जिनमे बॉलीवुड से लेकर बुद्धिजीवी वर्ग तक शामिल है जो कि अपने स्वार्थ के लिये भोली भाली जनता को बरगलाने से भी नहीं चूक रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि इस नागरिकता कानून से किसी भी देशवासी की नागरिकता नहीं जाने वाली है बल्कि 3 पड़ोसी देशों { पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश } में रहने वाले गैर मुस्लिम जो की धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हो रहे है उन्हें नागरिकता देने का कानून है।

इस आंदोलन का जो सबसे बड़ा असर है वो सफर करने वाले यात्रियों को हो रहा है, 15 दिसंबर से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण कालिंदी कुंज के रास्ते दिल्ली और नोएडा के बीच हर रोज आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अब साफ़ नज़र आ रहा है कि नागरिकता कानून तो सिर्फ एक बहाना है इन लोगों का असली मकसद तो देश में अराजकता का माहौल बनाना है।

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