आखिरकार आदमखोर गुलदार का खात्मा हो चुका है। आज सुबह टिहरी जिले के धारी गांव में शिकारी जॉय हुकिल की गोली का आदमखोर गुलदार शिकार हो चुका है, जिसके बाद से ग्रामीणों में खुशी बनी हुई है। गुलदार दो वर्षों के भीतर चार लोगों को अपना निवाला बना चुका था, जिसमें तीन लोग रुद्रप्रयाग जिले के भरदार पट्टी के शामिल हैं, जिन्हें गुलदार ने एक माह के भीतर अपना निवाला बनाया।
बता दें कि पिछले आदमखोर गुलदार ने टिहरी जिले के धारी गांव में 54 वर्षीय कल्पेश्वरी देवी को अपना निवाला बनाया था। धारी गांव और रुद्रप्रयाग जनपद का भरदार पट्टी के गांव आस-पास हैं। ऐसे में गुलदार भरदार पट्टी से धारी गांव की ओर चला गया। गुलदार ने पिछले वर्ष तीन लोगों को अपना शिकार बनाया। धारी देवी की घटना से लोग दहशत में आ गए थे। कुछ समय तक लोगों को लग रहा था कि भरदार पट्टी के पपड़ासू में शिकारी की गोली से आदमखोर गुलदार का खात्मा हो गया है, मगर धारी देवी में घटना को अंजाम देने के बाद लोग फिर से दहशत में आ गए थे।
वर्ष 2019 में छः नवम्बर को गुलदार ने सतनी में जंगल गए एक व्यक्ति को निवाला बनाया, जबकि 8 नवम्बर को इसी क्षेत्र से लगे गांव बांसी में घास लेने गई महिला को निवाला बनाया। इसके बाद छः दिसम्बर को गुलदार ने इसी पट्टी के पपड़ासू गांव में घास लेने गई महिला को निवाला बनाया। इस घटना से आक्रोशत क्षेत्रीय लोगों की परेशानी को देखते हुए शीघ्र यहां दो शिकारी तैनात किए गए।
पपड़ासू में शिकारी द्वारा गुलदार को गोली भी मारी, मगर धारी गांव में घटी घटना के बाद आशंका जताई गई कि यह गुलदार जिंदा निकल गया। धारी गांव की घटना के बाद भरदार के साथ ही आसपास के गांव फिर से दहशत बन गई और शिकारियों की टीम धारी गांव पहुंची और तीन दिनों के सर्च ऑपरेशन के बाद आदमखोर गुलदार जॉय हुकिल की गोली का शिकार हो गया। गुलदार को मारने के बाद से क्षेत्र की जनता में खुशी बनी हुई है।