लखनऊ: उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने लेबोरेटरी टेस्ट में स्मार्ट मीटर के फेल होने का खुलासा करने के बाद शनिवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को प्रत्यावेदन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले में ऊर्जा मंत्री ने आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। दोषी पाए जाने पर स्मार्ट मीटर निर्माता कंपनी को काली सूची में डाला जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने परिषद के प्रत्यावेदन पर पावर कारपोरेशन के चेयरमैन को प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री से मुलाकात के दौरान मांग की कि स्मार्ट मीटर निर्माता कंपनी को काली सूची में डालने के साथ ही उपभोक्ताओं के घरों पर लगाए गए 12 लाख स्मार्ट मीटर को वापस किया जाए।
परिषद ने यह भी मांग की कि भार जंपिंग अथवा रीडिंग में गड़बड़ी के कारम जो गलत बिल बने हैं उन्हें संशोधित भी कराया जाए। मंत्री से यह भी कहा कि जिस तरह से मीटर निर्माता कंपनियों को कुछ उच्चाधिकारी बचाने में लगे हुए हैं उससे साबित होता है कि खराब गुणवत्ता वाले मीटर की खरीद में बड़ा रैकेट शामिल है।
विद्युत उपभोक्ताओं को सही बिल दिया जाए: मुख्यमंत्री
सीएम आफिस ट्वीटर पर भी मुख्यमंत्री के हवाले से एक ट्वीट शनिवार को किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हवाले से लिखा गया है कि विद्युत उपभोक्ताओं को से मीटर की सही बिलिंग सुनिश्चित की जाए। विद्युत उपभोक्ताओं को कोई परेशानी ना हो, इसके लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।