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एमएसएमई एक्ट के प्रावधान को लागू करने के लिए मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने रविवार को जारी किया विस्तृत गाइडलाइन

By: RNI Hindi Desk 
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एमएसएमई एक्ट के प्रावधान को लागू करने के लिए मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने रविवार को जारी किया विस्तृत गाइडलाइन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोई भी उद्यमी अपना लघु उद्यम आसानी से लगा सकेगा। इसके लिए उसे जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति के सामने अपना उद्योग लगाने संबंधी आवेदन व अन्य दस्तावेज देने होंगे। समिति इन दस्तावेजों का तुरंत परीक्षण कराना शुरू करेगी और अधिकतम तीन दिन में उद्योग शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। 72 घंटे में उद्योग का लाइसेंस न मिलने पर उपायुक्त उद्योग जिम्मेदार होंगे।

एमएसएमई एक्ट के इस प्रावधान को लागू करने के लिए मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने रविवार को विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी। इसके लिए जिला स्तर पर कमेटी भी बना दी गई है। उद्यमी को इसी कमेटी के सामने तय प्रोफार्मा पर अपना आवेदन पत्र, घोषणा पत्र और राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण व अग्नि सुरक्षा उपाय संबंधी फार्म भर कर जमा करना होगा।

कमेटी इसका ब्योरा दर्ज कर जांच करेगी और संबंधित विभागों को तुरंत ईमेल व व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाएगा। इसके बाद पत्रावली जिला मजिस्ट्रेट के सामने रखी जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट के समय नहीं है तो समिति इसे परिचालन द्वारा विभागों से 48 घंटे में एनओसी लेगी।

72 घंटे में मिलेगी मंजूरी, निवेश मित्र पोर्टल पर दर्ज होगी जानकारी

सारी औपचारिकताएं पूरी होने बाद 72 घंटे के अंदर मंजूरी जारी हो जाएगी। इसे निवेश मित्र पोर्टल पर दर्ज कराया जाएगा। उद्यमी के परियोजना के संबंध में कोई भी अधिकारी अनुमति के संबंध में 1000 दिन तक कोई निरीक्षण नहीं करेगा। इस अवधि में उद्यमी को अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लेनी होंगी।

मुख्य सचिव हर तीसरे महीने करेंगे समीक्षा

मुख्य सचिव जारी अनुमति  व प्राप्त आवेदनों के मामलों के संबंध में अपनी समिति से साथ हर तीसरे महीने समीक्षा करेंगे। इस समिति में राजस्व, पर्यावरण, वन, ऊर्जा, श्रम, गृह  औद्योगिक विकास विभाग व एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव भी शामिल किए गए हैं।

जिला कमेटी में ये होंगे सदस्य 

जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में उप जिला मजिस्ट्रेट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी,अधिशासी अभियंता विद्युत निगम, उप श्रमायुक्त, यूपीसीडा के क्षेत्रीय अधिकारी, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा निदेशालय, जिला शमन अधिकारी व उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र शामिल किए गए हैं।

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