उत्तर प्रदेश : बढ़ती जहरीली हवा से सांस लेने में दिक्कत
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी खबर सामने है, जो काफी ही चौंकाने वाली है। दरअसल, मेरठ जिले में बढ़ते प्रदूषण और जहरीले धुएं से परेशान होकर सरकारी स्कूलों के करीब सात शिक्षकों ने दूसरे जनपदों में तबादले की मांग की है।
शिक्षकों का कहना है कि जिले में बढ़ती जहरीली हवा से उन्हें सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी सेहत खराब हो रही है। इतना ही नहीं, शिक्षकों ने आंख खराब होने की बात भी बीएसए से कही है।
शिक्षकों द्वारा तबादले की मांग किए जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग, मेरठ में हड़कंप मच गया है। तो वहीं, बीएसए ने इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के मुताबिक, जपुरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बहचौला की शिक्षिका सीमा रस्तोगी ने बीएसए को लिखा है। पत्र में शिक्षिका सीमा रस्तोगी ने लिखा प्रदूषण से परेशानी बताकर तबादला मांगा है।
साथ ही लिखा है कि विद्यालय के पास केमिकल फैक्टरी से आंखों और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है। तो वहीं, सैनी गांव स्थित विद्यालय के एक शिक्षक ने भी प्रदूषण के चलते आंख खराब होने की बात बीएसए से कही है।
इससे पहले दौराला ब्लॉक के दो शिक्षक फैक्टरी से निकलने वाले धुएं से गले में एलर्जी और आंखों में जलन होना बताकर तबादला मांग चुके हैं। दोनों ब्लॉक के सात शिक्षक एक माह में तबादले के लिए आवेदन कर चुके हैं। एक साथ आये इतने सारे आवेदनों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग, मेरठ में हड़कंप मच गया है। तो वहीं, अब बीएसए सतेंद्र सिंह ढाका ने खंड शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि मेरठ सिटी में पिछले कुछ दिनों से एक्यूआई 400 से ऊपर चल रहा है। शुक्रवार को 4-6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा से 330 पर रहा। हालांकि यह अभी भी बहुत बुरी स्थिति में है। बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए ग्रैप सिस्टम लागू किया गया था। कुछ दिन तक तो सभी विभागों ने इस पर अमल किया, लेकिन दिवाली बाद एक्यूआई में गिरावट दर्ज होने से सभी विभागों ने इस पर अमल करना छोड़ दिया था। प्रदूषण बढ़ने और सरकारी इंतजाम फेल होने पर लोगों को मौसम का सहारा मिला।