बस्ती. उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के वाल्टरगंज थाना के कृपालपुर गांव के पास कुआनो नदी में बोरे में मिली महिला की लाश पुलिस ने खुलासा कर दिया. पुलिस के मुताबिक पति ने ही अनपढ़ पत्नी से छुटकारा पाने के लिए वारदात को अंजाम दिया फिर अपने चचेरे भाई और चाची की मदद से शव को बोरे में भरकर नदी में फेंक दिया. पुलिस के मुताबिक 25 वर्षीय शोभावती का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अनपढ़ थी. मोबाइल तक नहीं चला पाती थी.
हत्यारोपी पति ने एग्रीकल्चर में बीएससी तक पढ़ाई की थी. शादी के बाद से ही पत्नी से नाखुश रहने वाले पति श्रीशंकर ने कई बार उसे छोड़ने की कोशिश की, लेकिन शोभावती पति के साथ ससुराल में रहना चाहती थी. उससे पीछा छुड़ाने के लिए पति श्रीशंकर ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली.
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 6 सितंबर को भोर में ही पैर से लेकर गले व अन्य स्थानों पर वार कर श्रीशंकर ने शोभावती की हत्या कर दी. हत्या की जानकारी उसके चचेरे भाई उमाशंकर यादव व चाची प्रेमशीला को थी. इन दोनों की मदद से उसी रात में शव को बोरे में भर बाइक पर लादकर श्रीशंकर गौर थाने के गटरापुल पर पहुंचा और कुआनो नदी में फेंक दिया था. मंगलवार को वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में कृपालपुर के पास नदी में बोरे में शोभावती का शव बरामद हुआ. मायके पक्ष ने शव की शिनाख्त की. इसके बाद से शोभावती के भाई पैकोलिया थाना क्षेत्र के पोतनहारी निवासी राकेश कुमार यादव की तहरीर पर श्रीशंकर के साथ ही शव छिपाने में मदद करने वाले चचेरे भाई उमाशंकर यादव और चाची प्रेमशीला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई प्लानिंग
बुधवार को कप्तानगंज पुलिस ने सुवरबरवा पुल के पास से तीनों आरोपितों को दबोच लिया और हत्याकांड की असलियत सामने आ गई. पत्नी शोभावती से छुटकारा पाने के लिए श्रीशंकर ने उसकी हत्या की पूरी प्लानिंग की थी. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि अक्सर मोबाइल फोन पर क्राइम पेट्रोल देखता रहता था. उसने गला दबाकर हत्या करने की बजाय पैर से ही उसके गले समेत अन्य नाजुक स्थानों पर वार किया. इसके बाद शव को बोरे में भरने के साथ पर्याप्त मात्रा में रूई भी भरी थी. जिससे रूई भीखकर भारी हो जाए और लाश नदी में ही लंबे समय तक डूबी रहे.