मिशन शक्ति के तहत : प्रदेश के 1,535 थानों में महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन
उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का एहसास दिलाने और उनकी समस्याओं को निस्तारित करने की कड़ी में शुक्रवार को एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई।
सीएम योगी ने मिशन शक्ति के तहत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के 1,535 थानों में महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। इस दौरान डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने महिला अपराध पर अब तक हुई कार्रवाई का ब्यौरा पेश किया।
प्रदेश के 1,535 थानों में प्रारम्भ अभियान 'महिला हेल्प डेस्क' बनाने मात्र तक सीमित नहीं होगा। हर थाने में सेपरेट ट्रांसपेरेंट रूम, बैठने की उचित व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, कम्प्यूटर और रजिस्ट्रेशन की सुविधा तथा स्टेशनरी की भी व्यवस्था हो: मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/Zduwqm8aLa
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) October 23, 2020
सीएम ने लखनऊ, नोएडा कमिश्नरेट के अफसरों से हेल्प डेस्क की कार्यशैली को समझा। सीएम ने कहा कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर न रह जाएं इसके लिए सभी संस्थागत संगठन को मिलकर काम करना होगा। सीएम महिला संगठनों से भी संवाद किया।
सीएम योगी को लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने अवगत कराया कि कमिश्नरेट के सभी थाना क्षेत्रों में हेल्प डेस्क स्थापित कर दी गई है।
हर जगह दो-दो महिला पुलिस कर्मियों को तैनाती की गई है। महिला अफसरों को शिकायतों के निस्तारण के लिए मॉनिटरिंग में लगाया गया है।
इसके साथ ही थानेवार 15 केस की समीक्षा कर कार्रवाई की जा रही है। एनजीओ व अन्य संगठनों का भी महिला में जागरूकता व उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए सहयोग लिया जा रहा है।
प्रदेश के सभी जिलों के कमिश्नर, एसपी/डीएम समेत जिले के विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। सीएम योगी ने कई जिलों के एसएसपी से उनके द्वारा महिला अपराध को लेकर हेल्प डेस्क स्थापित व अन्य कार्य वालों का विवरण जाना।
एसएसपी बनारस अमित पाठक ने सीएम योगी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि उन्होंने शहर के सभी थाना क्षेत्रों में महिला हेल्प हेल्प डेस्क की तैनाती कर दी गई है।
उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी गई है, उनके द्वारा महिला शिकायत व महिलाओं की समस्याओं के संबंधित जागरूकता के लिए अन्य सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लेकर जागरूक किया जा रहा है।
मिशन शक्ति के तहत पिछले 6 दिनों में 4,679 महिलाओं ने 112 को कॉल कर पुलिस की मदद ली है।