पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर 58 विधायकों की कथित बगावत के बाद राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। इसी बीच राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिया है, जिससे सियासी टकराव और बढ़ गया है।
भाजपा नेताओं ने टीएमसी नेता संदीपन साहा और उनके पिता पर भूमि हड़पने और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा का दावा है कि दोनों पर आम लोगों की जमीनों पर कब्जा करने और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
कोलकाता में हुए प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। प्रदर्शन में दो गधों के साथ संदीपन साहा और उनके पिता की तस्वीरें शामिल की गईं, जिसे पार्टी ने प्रतीकात्मक विरोध बताया। भाजपा नेताओं का कहना था कि यह कदम कथित शोषण और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए उठाया गया।
भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने आरोप लगाया कि संदीपन साहा और उनके पिता ने जनता की जमीनों पर अवैध कब्जा किया और वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब चाहती है और ऐसे लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इन आरोपों पर फिलहाल संदीपन साहा या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और आगे तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
टीएमसी में आंतरिक कलह और भाजपा के आक्रामक रुख के चलते पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तेज राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।