आज गणतंत्र दिवस पर भारी सुरक्षा के बीच हजारों किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश किया। आज गणतंत्र दिवस पर भारी सुरक्षा के बीच हजारों किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रवेश किया।
किसान नेताओं ने आज सुबह 10 बजे नौ जगहों से ट्रैक्टर परेड शुरू करने की घोषणा की है। ढांसा, चिल्ला, शाहजहांपुर , मसानी बराज, पलवल और सुनेढ़ा बॉर्डर से भी ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया गया है।
पुलिस से बातचीत होने के बाद भी 2 किसान संगठन नहीं मान रहे हैं। रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च निकालने की घोषणा की है। वहीं गाजियाबाद लोनी बॉर्डर से बैरिकेडिंग तोड़कर किसान दिल्ली में घुस गए हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चुनौती है। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही है। फेस डिटेक्टिंग ड्रोन का भी इस्तेमाल हो रहा है।
ट्रैक्टर परेड पर किसानों और दिल्ली पुलिस में मतभेद बरकरार है। किसानों को सिर्फ तीन रूट पर पांच हजार ट्रैक्टर लेने जाने की इजाजत मिली है। जबकि किसान नेता 9 रूट पर परेड निकालने की जिद कर रहे हैं।
9 रूट में सिंघु रूट (63 किमी), टिकरी रूट(62.5 किमी) और गाजीपुर रूट (68 किमी) है। किसान संगठनों ने कहा है कि झांसा और चिल्ला बॉर्डर से भी होगी। इसके अलावा शाहजहाँपुर बॉर्डर, मसानी बराज, पलवल और नूह के सुनेढ़ा बॉर्डर से भी किसान परेड होगी।
वही, दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा, ‘यह हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। हालांकि, गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रैक्टर परेड निकाली जाएगी।’
इस ही के साथ ही किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर एक फरवरी को वार्षिक बजट प्रस्तुत किए जाने के दिन संसद की तरफ पैदल मार्च की घोषणा की है। आप को बता दे कि ‘किसान गणतंत्र परेड’ सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करेगी, जिसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठन दो महीने से आंदोलन कर रहे हैं। किसान यूनियनों ने सोमवार को कहा कि राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बाद ही उनकी ट्रैक्टर परेड शुरू होगी। उन्होंने दावा किया कि लगभग दो लाख ट्रैक्टरों के परेड में भाग लेने की उम्मीद है। जबकि दिल्ली पुलिस ने 5000 ट्रैक्टरों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी है।