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दिल्ली के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल

भारत की राजधानी दिल्‍ली भारतीय इतिहास, वास्तुकला और आधुनिकता का द्योतक है। यहाँ मुग़लों द्वारा बनाई गई अद्भुत और खूबसूरत इमारतों का ढेर लगा पड़ा है। भारत का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला यह शहर जहां लगभग 1.67 कारोड़ (2011 की जनगणना के अनुसार) से ज्यादा लोग रहते हैं। दिल्ली को लेकर ऐसा माना जाता है कि इस शहर का संबंध महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहते हैं कि दिल्ली महाभारत के काल में इंद्रप्रस्थ नाम से जाना जाता था। जहां पाण्डवों का निवास हुआ करता था। और पांडवों के बाद भी कई हिन्दू और मुस्लिम शासकों ने यहां अपना शासन किया था।

By: Abhinav Tiwari 
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दिल्ली के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल

भारत की राजधानी दिल्‍ली भारतीय इतिहास, वास्तुकला और आधुनिकता का द्योतक है। यहाँ मुग़लों द्वारा बनाई गई अद्भुत और खूबसूरत इमारतों का ढेर लगा पड़ा है। भारत का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला यह शहर जहां लगभग 1.67 कारोड़ (2011 की जनगणना के अनुसार) से ज्यादा लोग रहते हैं।

दिल्ली को लेकर ऐसा माना जाता है कि इस शहर का संबंध महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहते हैं कि दिल्ली महाभारत के काल में इंद्रप्रस्थ नाम से जाना जाता था। जहां पाण्डवों का निवास हुआ करता था। और पांडवों के बाद भी कई हिन्दू और मुस्लिम शासकों ने यहां अपना शासन किया था। वर्ष 1950, 26 जनवरी से दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून लागू है।

दिल्ली की इमारतें धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक महल पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। दिल्ली में आने वाले पर्यटकों, जिनको यहां का स्ट्रीट फूड बहुत भाता है। वे छोटी फूड की दुकानों पर भरपूर स्वाद लेकर चाव से भोजन का लुत्फ उठाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण और शानदार पर्यटन स्थलों के बारे में जो दिल्ली में घूमने के लिए सबसे बेस्ट हैं।

दिल्ली का प्रमुख पर्यटन स्थल लाल किला

लाल बलुआ पत्थर से बना मुगल वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण पेश करता हुआ यह सुंदर लाल किला, दिल्ली ही नहीं पूरे भारत में सबसे ज़्यादा घूमे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है। जहां देश विदेश से वर्ष भर निरंतर लोग आते रहते हैं। दिल्ली में यमुना के तट पर बना यह किला पर्यटकों के आकर्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

अष्टकोणीय आकार में बने इस पूरे किले पर संगमरमर से सजावट की गयी है। लाल किले में आपको लाहौरी गेट, दिल्ली गेट, मुमताज महल, खस महल, रंग महल, हीरा महल, मोती मस्जिद, दीवान-ए-खास जैसे खूबसूरत संरचनाओं को देखने को मिलेगा।

इंडिया गेट

दिल्ली की बात की जाए और यहाँ के इंडिया गेट की बात न हो तो ऐसा संभव नहीं है। दिल्ली के कर्तव्यपथ मार्ग पर स्थित इस गेट को वर्ष 1931 में 90,000 शहीदों की याद में बनवाया गया था।

जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध और एंग्लो अफगान युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान दिया था। लाल और पीले बलुआ पत्थरों से बने इस गेट पर यूनाइटेड किंगडम के कुछ सैनिकों और अधिकारियों सहित 13,300 सैनिकों के नाम अंकित हैं।

इंडिया गेट के परिसर में स्थित अमर जवान ज्योति है जो लगभग 1971 से जल रही है। 26 जनवरी की परेड की मेजबानी करता है और उस समय देश के प्रधानमंत्री उपस्थित रहते हैं। इसे भारत की प्रसिद्ध इमारतों में से एक माना जाता है।

इसे अखिल भारतीय युद्ध स्मारक के नाम से भी जाना जाता है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जन्मतिथि (23 जनवरी 2022) के अवसर पर प्रधानमंत्री ने उनकी ग्रेनाइट प्रतिमा स्थापित की।

क़ुतुब मीनार

विश्व की सबसे ऊंची मीनारों में से एक क़ुतुब मीनार, जो दक्षिण दिल्ली के महरौली नामक स्थान पर बना है। जिसके बनने का सिलसिला साल 1192 से कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा शुरू किया गया और बाद में कई शासकों द्वारा इसको बनवाने का क्रम जारी रहा।

दिल्ली की यह मीनार विश्व की सबसे ऊंची मीनार में से एक है, जिसकी ऊंचाई लगभग 72.5 मीटर है। पाँच मंज़िला ऊंची इस मीनार के हर मंज़िल के चारों तरफ़ छज्जे बने हुए हैं।

इस मीनार की तीन मंज़िलें सिर्फ़ लाल बलुआ पत्थर और चौथी व पाँचवीं मंज़िल पर संगमरमर का उपयोग किया गया है। ऐसे में दिल्ली आने वाले लोगों में इस मिनार को देखने की उत्सुकता और बनी रहती है। जिससे यहां आपको भारी मात्रा में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिलती है।

लोटस टेम्पल

लोटस टेम्पल का निर्माण एक कनाडाई वास्तुकार फारिवोज साहब द्वारा वर्ष 1986 में किया गया था। जिसको कमल के फूल का आकार दिया गया है। इसकी मुख्य बात यह है कि इस मन्दिर में न कोई मूर्ति है और न कोई पूजा होती है।

यह एक गौरव, शांति एवं उत्कृष्ठ वातावरण वाला मन्दिर है। लोटस टेम्पल एक सफ़ेद फूल के समान बेहद आकर्षक और मनमोहक लगता है।

अक्षरधाम मन्दिर

6 नवम्बर 2005 में बना यह मंदिर एक विशाल हिन्दू मन्दिर है, जो यमुना नदी के तट पर स्थित है। अक्षरधाम मन्दिर के अन्दर भगवान स्वामीनारायण की मूर्ति विराजमान है। यह दुनिया के सबसे बड़े हिन्दू मन्दिरों में से एक है।

इस मंदिर में 234 पिलर्स, 9 गुम्बद और लगभग 20,000 साधुओं और आचार्यों की मूर्तियाँ हैं। जिससे इसकी विशालता और भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मन्दिर का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज है।

तो ऐसे में अगर आप दिल्ली आते हैं तो आपको यहां जरूर जाना चाहिए जो कि आपको एक मन मोहक आनन्द की अनुभूति दे सकता है। याद रखें कि यहां शाम के समय वाटर और लाइट शो होते हैं।

जिसमें लाइट और पानी के मिलाप द्वारा एक इंसान के पूर्ण जीवन काल यानि पैदा होने से मृत्यु तक को दर्शाया जाता है जो एक अद्भुत दृश्य होता है।

हुमायूं का मकबरा

इस मकबरे का निर्माण हुमायूं की विधवा बेगम हमीदा बानो ने 1569 से 70 के बीच में बनवाया था। इस शानदार मकबरे को वास्तुकार मिसक मिर्जा ने किया था जो एक फारसी था। इसमें प्रवेश के लिये 16 मीटर ऊंचे दो मंजिले प्रवेशद्वार बने हैं। जिनमे एक छः किनारों वाला सितारा मुख्य प्रवेशद्वार की शोभा बढ़ाता है।

मकबरे के विशाल मुख्य गुम्बद के साथ-साथ पच्चीकारी, फर्श की सतह, झरोखों की जालियों, द्वार-चौखटों और छज्जों को सफेद संगमरमर से बनाया गया है। पत्थर के उपयोग से निर्मित विशाल इमारतों में मुगल शासक हुमायूं के अलावा अन्य शासकों की कब्रें भी मौजूद हैं। यह दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित है जहां पर वर्ष भर पर्यटक आते रहते हैं।

जंतर मंतर

महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा वर्ष 1724 में यह विशाल खगोलीय वेधशाला (Observatory) का निर्माण कराया गया था। जिसका निर्माण समय और ग्रहों की गति के अध्ययन के लिए करवाया गया था। यहां कुल 13 आर्कीटैक्चरल एटॉनामी इंस्ट्रूमेंट हैं।

जिसके मदद से सम्राट, सूर्य के रोशनी का सहारा लेकर ग्रहों और समय की सटीक जानकारी देते थे। मिस्र यंत्र जो वर्ष के सबसे छोटे और सबसे बड़े दिन को बताता है तो वहीं रामयंत्र खगोलीय पिंडों की गति के बारे में जानकारी देता है।

इस्कॉन मंदिर

इस्कॉन मंदिर , दिल्ली का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर वर्ष 1998 में अच्युत कनिष्ठ के द्वारा निर्मित किया गया था जो कि भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही शानदार और दर्शनीय है। इसे हरे राम हरे कृष्ण मन्दिर भी कहा जाता है इस मन्दिर में एक संग्रहालय भी है जहां महाभारत और रामायण ग्रंथ भी रखे हुए हैं।

मंदिर के परिसर में श्री कृष्ण और राधा जी की मूर्तियां जिनसे हर समय हरे राम हरे कृष्णा की ध्वनि आती रहती है। जिससे उस मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

यहां कृष्ण जन्माष्टमी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है और इस समय यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। वहीं लोग वर्ष भर इसकी भव्यता से आकर्षित होकर दर्शन करने के लिए आते रहते हैं।

पुराना किला

पुराना किला सबसे प्राचीन किलों में से एक माना जाता है, ऐसा कहा जाता है कि यह किला महाभारत काल के इंद्रप्रस्थ नामक जगह पर स्थित पाण्डवों की राजधानी के स्थान पर बना है। इस किले संदर्भ में कहा जाता है कि, शेरशाह सूरी ने 1538 से 1545 के बीच इसका निर्माण कराया था जिसमें 3 मुख्य द्वार है।

बड़े दरवाजे के रूप में हुमायूं गेट और तलाकी गेट आते हैं। किले की रौनक रात के लाइटों के शो के दौरान बहुत ही मंत्रमुग्ध करने वाले होते हैं जिससे आपको यह जगह आनन्दित और सुखद अनुभूति प्रदान करेगी।

गुरुद्वारा बंगला साहिब

दिल्ली में स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब 1783 ईसवी में सिख जनरल सरदार भागल सिंह द्वारा बनवाया गया था। जो सिखों के आठवें गुरु हरिकृष्ण साहब को समर्पित है। अतः यह सिखों का प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।

यहां आने वाले व्यक्तियों के लिए लंगर की व्यवस्था है। जहां पर रोजाना हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। यहां पर एक विशाल तालाब भी स्थित है जिसमें आपको कई रंग की मछलियां दिखाई देंगी जो मन पर एक गहरी छाप छोड़ती हैं।

नेशनल वार मेमोरियल

दिल्ली में इंडिया गेट मार्ग पर स्थित यह मेमोरियलस, उन शहीदों की याद में अभी जल्द ही राष्ट्रीय समर स्मारक के रूप में बनवाया गया था। यह स्मारक साल 1965 के भारत और चीन के युद्ध, भारत पाक युद्ध 1971 और साल 1999 के कारगिल के युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों की याद में स्थापित किया गया है।

राष्ट्रपति भवन

विश्व का दूसरा सबसे बड़ा निवास स्थान भारत का राष्ट्रपति भवन जिसमें राष्ट्रपति निवास करते हैं । एक विशाल और अद्भुत भवन है जो लगभग 330 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने 1912 में इसका निर्माण कराना शुरू किया था जो कि साल 1929 में बनकर तैयार हुआ।

इस भवन में एक रोबर्ट कुत्ता बना है जो असली कुत्ते के जैसा दिखाई पड़ता है। इस भवन के वैनवेट हाल में 104 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। इस भवन में कुल 340 कमरे हैं और 700 से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करते हैं।

दिल्ली में घूमने का सबसे अच्छा टाइम

दिल्ली घूमने के लिए तो लोग वर्ष भर यहाँ आते रहते हैं पर दिल्ली गर्मियों के समय काफी गर्म रहता है। अतः यहाँ अक्टूबर से फरवरी तक के महीनों में आने और घूमने का एक अच्छा समय होता है। जिसमें गर्मी से बचकर आप आराम से घूमने का मजा उठा सकते हैं।

दिल्ली कैसे पहुंचा जाए

दिल्ली भारत की राजधानी है तो ऐसे में यहां वायु मार्ग, रेलमार्ग और सड़क मार्ग तीनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। दिल्ली का अंतर्राष्ट्रीय इंदिरा गांधी हवाई अड्डा जो भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है।

दिल्ली को जोड़ने वाली रेल लाइनों में 4 मुख्य रेलवे स्टेशन मौजूद हैं जो कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन ,नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और आनन्द विहार रेलवे स्टेशन है। ये स्टेशन दिल्ली के मेट्रो लाइनों से भी जुड़ा हुआ है।

हाइवे नेटवर्क

दिल्ली सबसे बड़े हाइवे नेटवर्कों से जुड़ा हुआ है जिसके चलते यह देश के लगभग हर राज्य, क्षेत्र से बहुत अच्छे से जुड़ा हुआ है। यहां हाइवे से आने के लिए बहुत अच्छी सुविधाएँ उपलब्ध हैं जो सभी प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं।

जैसे बनारस, मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता, अयोध्या, मथुरा,  लखनऊ, जोधपुर आदि शहरों से आसानी से सड़क परिवहन का प्रयोग करके दिल्ली आसानी से पहुंच सकते हैं।

दिल्ली का मशहूर स्थानीय भोजन

यहाँ के स्ट्रीट फूड्स को दिल्ली में आये पर्यटक काफी पसंद करते है। दिल्ली का सबसे पसंद किया जाने वाला व्यंजन गरमागरम छोले भठूरे, हर गली हर चौराहे पर मिल जाता है।

दिल्ली घूमने में कितना खर्चा कम-से-कम कितना आ सकता है?

दिल्ली घूमने में कम-से-कम 8,000 से 10,000 रु तक का खर्चा आ सकता है।

निष्कर्ष

जंतर मंतर, लोटस टेम्पल, क़ुतुब मीनार, अक्षरधाम मंदिर, और लाल किला जैसे और बहुत से पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों के साथ दिल्ली भारत का दूसरा सबसे अधिक पर्यटन वाला राज्य है। आज हमने इस पोस्ट के माध्यम से दिल्ली के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों  के बारे में जाना। जहाँ आप अपने घरवालों और दोस्तों के साथ पॉजिटिव समय बिता सकते हैं। इस पोस्ट में दी गई जानकारी आपको कैसी लगी कृपया कमेंट करके हमें बताएं।

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