नई दिल्ली : भारत की पैरा शूटर अवनी ने पैरालिंपिक खेलों में गोल्ड पर निशाना साधकर इतिहास रच दिया है। आपको बता दें कि अवनि ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 इवेंट में नया पैरालिंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड पर निशाना साधा है। अवनि ने फाइनल में 249.6 अंक बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की और पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग (248.9 अंक) को पीछे छोड़ा। यूक्रेन की इरीना स्खेतनिक (227.5 अंक) ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
First #Gold for India in the women’s 10m AR standing SH1 final! #ShootingParaSport #Gold Avani Lekhara #IND #Silver Zhang Cuiping #CHN #Bronze Iryna Shchetnik #UKR @ShootingPara #Tokyo2020 #Paralympics
— Paralympic Games (@Paralympics) August 30, 2021
अवनि को चीन की खिलाड़ी से मिली कड़ी टक्कर
नौ राउंड के इस फाइनल मुकाबले में अवनि को चीनी एथलीट सी झांग से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा। झांग ने क्वॉलिफिकेशन राउंड में टॉप पोजिशन हासिल की थीं और वो इस मुकाबले में गोल्ड की प्रबल दावेदार थीं। हालांकि अवनि ने अपने अचूक निशानों के दम पर झांग को मात देकर गोल्ड अपने नाम कर लिया। अवनि ने नौ राउंड में 52.0, 51.3, 21.6, 20.8, 21.2, 20.9, 21.2, 20.1, 20.5 के साथ कुल 249.6 का स्कोर बनाया जो की पैरालिंपिक खेलों का नया रिकॉर्ड है।
India’s Devendra Jhajharia wins silver, Sundar Singh wins bronze in javelin throw class F45 at Tokyo Paralympics pic.twitter.com/K5yrjuw8VG
— ANI (@ANI) August 30, 2021
बता दें कि टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है। इससे पहले भारत के एथलीटों ने कल दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए थे। अवनि लखेड़ा के इतिहास रचने के बाद भारत के देवेंद्र झाझरिया ने पुरुषों के भाला फेंक के एफ46 वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, भारत के योगेश कथूनिया ने पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा के एफ56 वर्ग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसके अलावा सुंदर सिंह गुर्जर ने पैरालंपिक खेलों में पुरुषों के भाला फेंक के एफ46 वर्ग में कांस्य पदक जीता।
इससे पहले निषाद कुमार ने हाई जंप और भाविना पटेल ने टेबल टेनिस में सिल्वर मेडल जीता था। भारत के एक अन्य पैरा एथलीट विनोद कुमार ने डिस्क्स थ्रो के F52 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन फिलहाल उनका रिजल्ट होल्ड पर रखा गया है।
Phenomenal performance @AvaniLekhara! Congratulations on winning a hard-earned and well-deserved Gold, made possible due to your industrious nature and passion towards shooting. This is truly a special moment for Indian sports. Best wishes for your future endeavours.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2021
पीएम मोदी ने दी बधाई
19 साल की शूटर अवनि ने 249.6 का स्कोर बनाया और बाजी मारते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाया। पैरालंपिक्स के इतिहास में यह भारत का शूटिंग में यह पहला गोल्ड मेडल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवनि लखेड़ा को बधाई दी है।
शानदार रहा अवनि का सफर
अवनि से पहले भारत की तरफ से पैरालंपिक खेलों में मुरलीकांत पेटकर (पुरुष तैराकी, 1972), देवेंद्र झाझरिया (पुरुष भाला फेंक, 2004 और 2016) तथा मरियप्पन थंगावेलु (पुरुष्ज्ञ ऊंची कूद, 2016) ने स्वर्ण पदक जीते थे। अवनि ने इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में 21 निशानेबाजों के बीच सातवें स्थान पर रहकर फाइनल्स में प्रवेश किया था। अवनि ने 60 सीरीज के छह शॉट के बाद 621.7 का स्कोर बनाया जो शीर्ष आठ निशानेबाजों में जगह बनाने के लिये पर्याप्त था। चीन की कुइपिंग और यूक्रेन की शेतनिक ने क्वालिफिकेशन में 626.0 के पैरालंपिक रिकॉर्ड के साथ पहले दो स्थान हासिल किये थे।

11 साल की उम्र में हुई थी रोड एक्सिडेंट का शिकार
अवनि राजस्थान के जयपुर की रहने वाली हैं। महज 11 साल की वो एक रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गई थीं। इस एक्सीडेंट में अवनि स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के चलते पैरालाइज हो गईं थीं। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 इवेंट में अवनि विश्व रैंकिंग में पांचवे पायदान पर मौजूद हैं।
34वें स्थान पर भारत
आपको बता दें कि टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में चीन 106 पदकों के साथ शीर्ष पर, वहीं दूसरे स्थान पर 62 पदकों के साथ ब्रिटेन, तीसरे स्थान पर 41 पदकों के साथ यू.एस. और 7 पदकों के साथ भारत 34वें स्थान पर है।