नई दिल्ली : कहा जाता है कि अस्पताल एक ऐसा घर हैं जहां लोगों को रोगों से निजात मिलता है। जिससे वो स्वस्थ होते है। लेकिन जब कोई अस्पताल ही रोग बांटना शुरू कर देते, तो। एक ऐसा ही मामला जापान से सामने आया है। जहां एक हॉस्पिटल में पानी की लाइनें गलती से टॉयलेट की लाइनों से जुड़ गईं। जिसके चलते लोग टॉयलेट वाला पानी (Toilet Water) प्रयोग कर रहे थे।
आपको बता दें कि ये सिलसिला 30 सालों तक चलता रहा। अस्पताल प्रशासन को जब इस बारे में पता चला तो वे हैरान रह गए। जापानी मीडिया आउटलेट Yomiuri Shimbun के मुताबिक, 20 अक्टूबर को ओसाका यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल (Osaka University hospital) ने बताया कि चिकित्सा विभाग में नल के पानी के कुछ पाइप गलत तरीके से जुड़े हुए हैं। जब इस मामले की आगे जांच हुई तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पता चला कि पीने के पानी (Drinking Water) के कई पाइप टॉयलेट (Toilet) से जुड़े हुए थे।

120 नलों की पाइप टॉयलेट से जुड़ी थी
हैरान करने वाली बात यह है कि ये गलत कनेक्शन 1993 से है। 1993 में ही ये हॉस्पिटल खुला था। पिछले 30 सालों से यहां के कर्मचारी/मरीज अपनी जरूरतों के लिए टॉयलेट के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। हॉस्पिटल के करीब 120 नलों की पाइप टॉयलेट से जुड़ी बताई गई।
आपको बता दें कि यह खुलासा उस वक्त हुआ, जब हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग बनवाने का फैसला किया गया। नई बिल्डिंग के निरीक्षण के वक्त इतनी बड़ी खामी सामने आई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हॉस्पिटल सप्ताह में कम से कम एक बार पानी के रंग, गंध और स्वाद की जांच करता है, मगर 2014 के बाद से कोई समस्या नहीं पाई गई।
ओसाका हॉस्पिटल के शोधकर्ता और अस्पताल के उपाध्यक्ष काज़ुहिको नकातानी ने मीडिया के सामने माफी जारी करते हुए कहा कि, ‘मुझे बहुत खेद है कि उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान करने वाले हॉस्पिटल ने चिंता पैदा कर दी है।’ उन्होंने आगे कहा कि हॉस्पिटल अब नियमित रूप से पानी के पाइप के कनेक्शन की जांच करेगा।