नई दिल्ली : इजराइल और हमास के बीच तकरीबन पिछले पांच दिनों से गोलीबारी और बमबारी हो रही है, जिससे दोनों देश की जनता दहशत में है। इस हिंसा से बचने के लिए वे खुद को छिपा रहे है, लेकिन सामने से आने वाला बम या गोली उन लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है। हालांकि इस युद्ध को जल्द से जल्द निपटाने के लिए इजराइली सरकार ने मीडिया का इस्तेमाल कर हमास के आतंकियों को ‘मौत के जाल’ में फंसाया, जिसमें हमास के दर्जनों आतंकी मारे गये।

दरअसल, फलस्तीन के साथ जारी खूनी जंग में इजराइल लगातार आतंकी संगठन हमास पर बमबारी कर रहा है। इस बीच इजराइल के पत्रकारों ने कहा कि इजराइल की सेना ने मीडिया का इस्तेमाल कर हमास को अपने जाल में फंसाया, जिसके कारण संभवत: दर्जनों लड़ाके मारे गए।
दरअसल इजराइली सेना ने मीडिया के लिए बयान जारी किया था कि इजराइली वायु एवं थल सेना गाजा पट्टी पर हमला कर रहे हैं। इस संक्षिप्त बयान ने इन अटकलों को हवा दी कि इजराइल ने गाजा पर जमीनी हमला कर दिया है। कुछ संवाददाताओं ने यह तक कह दिया कि हमला शुरू हो गया है।
इसके कुछ ही घंटों बाद इजराइली सेना ने एक स्पष्टीकरण जारी किया कि गाजा के भीतर कोई इजराइली सेना नहीं है, लेकिन तब तक कई बड़े मीडिया संस्थान यह जानकारी दे चुके थे कि जमीनी हमला शुरू हो गया है।
इस बीच, हमास के लड़ाके मेट्रो के रूप में जानी जाने वाली सुरंगों के भूमिगत नेटवर्क में रक्षात्मक स्थलों पर चले गए। सेना ने बताया कि इजराइल ने 160 युद्धक विमान बुलाए और 40 मिनट तक सुरंगों पर बमबारी की। जिसमें कई हमास के लड़ाके के ढेर होने की आशंका है। इजराइल के चैनल 13 टीवी के पत्रकार ओर हेलर ने कहा कि उनका मानना है कि इस दौरान सैकड़ों चरमपंथी मारे गए।
हालांकि सेना ने इसे गलतफहमी के चलते की गई रिपोर्टिंग करार दिया, लेकिन इजराइली पत्रकारों ने कहा कि हमास के आतंकवादियों को घातक जाल में फंसाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण संभवत: दर्जनों लड़ाके मारे गए। हेलर ने कहा कि उन्होंने झूठ नहीं बोला। उन्होंने छल किया। उन्होंने चतुराई की और यह सफल रहा।
खबरों की मानें तो इस हमले में अभी तक हजारों लोग मारे जा चुके है, वहीं लाखों लोग घायल भी है। जो जल्द इस युद्ध की समाप्ति का इंतजार कर रहे है।