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ट्रैक्टर परेड को लेकर दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों के बीच आज फिर नहीं बनी बात

By: RNI Hindi Desk 
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ट्रैक्टर परेड को लेकर दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों के बीच आज फिर नहीं बनी बात

कृषि कानून के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के संदर्भ में दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों के बीच आज एक अहम् बैठक हुई, और इस बैठक में भी पिछली हर बैठक की तरह ही बनतीज़े रहे। आप को बात दे कि कृषि आंदोलन का आज 57वां दिन है।

तमाम परेेशानियों के बाद भी किसान आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीें हैं और उनका कहना है कि जब तक बिल वापस नहीं होगा हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। दिल्ली में कड़ी ठण्ड के बीच भी किसान किशन अपना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं है।

वहीं कल सरकार और किसानों के बीच बुधवार को हुई 10वें दौर की वार्ता के बाद ऐसा माना जा रहा है कि समस्या का कोई हल निकल सकता है, तो वही आज इस बैठक के बाद किसानों ने कहा है कि पुलिस ने हमें दिल्ली में घुसने से मना कर दिया है।

हालांकि पुलिस की तरफ से किसानों को कुडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर रैली निकालने का विकल्प सुझाया गया। लेकिन किसानों ने इसे मानने से इनकार कर दिया। क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शन पाल ने कहा कि सरकार ने हमसे कहा है कि सुरक्षा कारणों से दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड का आयोजन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट हैं कि हम केवल वहीं ट्रैक्टर परेड करेंगे।

पुलिस अधिकारियों ने प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को दिल्ली के व्यस्त बाहरी रिंग रोड की बजाय कुंडली-मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे पर आयोजित करने का सुझाव दिया था जिसे किसान संगठनों ने अस्वीकार कर दिया। ट्रैक्टर परेड को लेकर स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव का कहना है कि पुलिस के साथ किसानों की बातचीत जारी है।

उन्होंने कहा कहा, हमें उम्मीद है कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड बिल्कुल होगी।उल्लेखनीय है कि हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले करीब दो महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे नये कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि, ट्रैक्टर रैली के बारे में हमारी दिल्ली, हरियाणा, यूपी पुलिस और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। आज इसका तीसरा दौर है। 26 जनवरी को किसान गणतंत्र परेड पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। इससे इस देश के गणतंत्र की शोभा बढ़ेगी।

किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि केंद्र के साथ कल की बैठक के बाद, हम पुलिस के साथ एक और बैठक करेंगे।अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बैठक में दिल्ली पुलिस की तरफ से संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी क्षेत्र) एस एस यादव शामिल हुए थे। इसी तरह एक बैठक किसान नेताओं और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस बलों के अधिकारियों ने बुधवार को यहां विज्ञान भवन में की थी।

इस ही के साथ आप को बता दे कि पंजाब सरकार ने किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को 5-5 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए हैं।

किसान आंदोलन को समाप्त करने के एक प्रयास के तहत केंद्र सरकार ने बुधवार को आंदोलनकारी किसान संगठनों के समक्ष इन कानूनों को एक से डेढ़ साल तक निलंबित रखने और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखा।

किसान नेताओं ने सरकार के इस प्रस्ताव को तत्काल तो स्वीकार नहीं किया लेकिन कहा कि वे आपसी चर्चा के बाद सरकार के समक्ष अपनी राय रखेंगे। अब 11वें दौर की बैठक 22 जनवरी को होगी।

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