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इतने विकल्प खुले हैं कि हमको फांसी लगते-लगते अभी वर्षों लग जाएंगे…

By: Amit ranjan 
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इतने विकल्प खुले हैं कि हमको फांसी लगते-लगते अभी वर्षों लग जाएंगे…

नई दिल्ली : दिन गुजरता जा रहा है, वक्त भी बदलता जा रहा है, जो नहीं बदल रहा है वो है सलीम का व्यवहार, जो एक पल तो बदला था। लेकिन जब एक बार उसकी फांसी टल गई तो फिर बेफिक्र हो गया। उसका कहना है साहब! इतने विकल्प खुले हैं कि हमको फांसी लगते-लगते अभी वर्षों लग जाएंगे। काहे परेशान हो रहे हो, इतनी जल्दी मुझे न लगेगी फांसी वासी, यहां ऐसे थोड़े फांसी लग जाती है। यह बातें आज भी वह जेल में साथी बंदियों को बताता है।

हम बात कर रहे है जेल में बंद सलीम और शबनम की, जिसे कोर्ट ने सात हत्याओं के मामले में फांसी की सजा सुनाई है। आपको बता दें कि नवंबर में अपनी दया याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए नैनी जेल में हाई सिक्योरिटी सेल से कार्यालय में लाए गए सलीम से जब वहां एक जेल अधिकारी ने कहा कि अब तो तुम्हें फांसी होकर रहेगी, तो उसने यह जवाब दिया। हालांकि जब उसकी प्रेमिका शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति के यहां से खारिज हुई तो वह बेचैन हो गया था, लेकिन जैसे ही उसकी फांसी की तारीख एक बार आगे बढ़ी वह फिर से पुराने ढर्रे पर आ गया और शायरी लिखने लगा।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि सलीम को कोई पश्चाताप न पहले था और न आज है। हालांकि जेल में उनकी जानकारी में उसने ऐसी कोई हरकत नहीं की और न कर रहा है, जिससे कि कोई परेशान है। उसका व्यवहार भी सबसे अच्छा रहता है। साथी कैदियों की मदद भी करता है। पांच वक्त का नमाजी है। हां शबनम को जरूर याद करता रहता है।

आपको बता दें कि सलीम को 27 सितम्बर 2018 को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल लाया गया था। इससे पहले वो बरेली जेल में बंद था। बरेली की जेल में फांसी की सुविधा नहीं होने की वजह से सलीम को यहां शिफ्ट किया गया था। सलीम जब बरेली की जेल में था तो उस वक़्त वहां के प्रभारी पीएन पांडेय ही थे, जो इस समय नैनी सेंट्रल जेल के सीनियर सुप्रीटेंडेंट हैं। इसके साथ ही पांडेय डीआईजी का भी चार्ज देख रहे है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय का कहना है कि सलीम एक प्रशिक्षित कारीगर है। उसने जेल में ही लकड़ी के काम का प्रशिक्षण लिया था। वह बढ़ई का काम बहुत बढ़िया करता है। चूंकि नैनी जेल में लकड़ी का बड़े स्तर पर काम होता है। यहां लकड़ी के फर्नीचर बहुत बनते हैं, इसलिए सलीम ने यहां पर बहुत शानदार फर्नीचर बनाए हैं।

आपको बता दें कि 14 अप्रैल 2018 को अमरोहा के बावनखेड़ी में शबनम के माता-पिता, दो भाई, भाभी, 10 महीने के दुधमुंहे भतीजे और रिश्ते की बहन की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। घर में अकेले सिर्फ शबनम ही बची थी, जिससे पुलिस को शक हुआ। बाद में पता चला कि शबनम ने ही अपने आशिक सलीम के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या की थी। क्योंकि शबनम और सलीम एक दूसरे से प्यार करते थे, जो शबनम के परिवार को नागवार था।

बता दें कि शबनम ने दो विषयों में मास्टर डिग्री ले रखी थी। वो एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी।

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