भोपालः मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज खरगोन जिले में कांग्रेस परिवार के साथ आदिवासी अस्मिता, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक जननायक टंट्या भील (टंट्या मामा) की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर श्री पटवारी ने भिकनगाँव विधानसभा क्षेत्र के कोठड़ा में आयोजित जयंती समारोह में सहभागिता करते हुए टंट्या भील जी के वंशजों का सम्मान किया तथा आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री पटवारी ने कहा कि जननायक टंट्या भील केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, संघर्ष और न्याय की जीवंत प्रेरणा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों के “जल, जंगल और जमीन” के अधिकारों को लगातार कमजोर कर रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने खरगोन में टंट्या भील जी की प्रतिमा स्थापना में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि ₹10 लाख के बजट के बावजूद मात्र ₹60 हजार की फाइबर प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ था। कांग्रेस के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई। श्री पटवारी ने प्रदेश के किसानों की बदहाल स्थिति पर भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव “विज्ञापन वाले किसान पुत्र” बनकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि किसानों की गेहूं खरीदी समय पर नहीं हो रही है और वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
श्री पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार ने किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीदा, तो किसान पूरे प्रदेश में सरकार को चैन से नहीं बैठने देंगे। इसी क्रम में उन्होंने घोषणा की कि किसानों की गेहूं खरीदी की मांग को लेकर 9 अप्रैल को पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी द्वारा कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इस दौरान टंट्या भील जी के वंशज सुनील सिरसाटे, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि जोशी, विधायकद्वय श्रीमती झुमा सौलंकी, केदार डावर, लोकसभा प्रत्याशी रहे पोरलाल खरते, जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक, जिला प्रभारी जयसिंह सहित वरिष्ठ नेतागण उपस्थित थे।