मोहन्द्रा रेंज के बीट लाखनचोरी एवं बीट मोतीडॉल में भी सौसरों की साफ-सफाई कर उन्हें वन्यजीवों के पेयजल हेतु तैयार किया गया है। इन कार्यों को वनरक्षक प्रकाश प्रजापति एवं अरविंद कुमार विश्वकर्मा द्वारा संपादित किया गया।
मोहन्द्रा रेंज के बीट लाखनचोरी एवं बीट मोतीडॉल में भी सौसरों की साफ-सफाई कर उन्हें वन्यजीवों के पेयजल हेतु तैयार किया गया है। इन कार्यों को वनरक्षक प्रकाश प्रजापति एवं अरविंद कुमार विश्वकर्मा द्वारा संपादित किया गया।
आरोप है कि प्रशासन ने जिले भर से आ रहे किसानों के वाहनों को रास्ते में ही जब्त कर लिया। इससे नाराज आदिवासी पैदल ही आगे बढ़ गए, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने खरगोन में टंट्या भील जी की प्रतिमा स्थापना में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि ₹10 लाख के बजट के बावजूद मात्र ₹60 हजार की फाइबर प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ था। कांग्रेस के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई।
चाक बारा में दमकल वाहन कच्चा रास्ता होने के कारण मौके तक नहीं पहुंच सका और वाहन को लौटना पड़ा। जिसके चलते आग पर काबू नहीं किया जा सका। आग लगने से हजारों पेड़ और कई वन्यजीव जलकर नष्ट हो चुके हैं।
मधुमक्खियों का हमला इतना भीषण था कि पीड़ितों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मधुमक्खियों के झुंड ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और शरीर पर कई जगह डंक मारे।
इस मामले की जानकारी एसडीओ को दी गई और अंडर ट्रेनिंग आईएफएस अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे भी, जहां पेड़ों की कटाई होने की बात सामने आई और ठूंठ बनाकर नंबरिंग का काम भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
लटेरी के जंगलों में अवैध कटान को लेकर अब सियासत गरमा गई है। सत्ता पक्ष के स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने सरकार की घेराबंदी करते हुए कहा, "यदि सत्ता पक्ष के विधायक की ही अधिकारी नहीं सुन रहे, तो उन्हें पद पर रहने का हक नहीं है।