पन्नाः मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आज जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासनिक वादाखिलाफी और दमन के विरोध में ‘जय किसान संगठन’ के नेतृत्व में हजारों किसानों और महिलाओं ने दिल्ली कूच का ऐलान किया, जिससे पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया।

रविवार को जैसे ही प्रदर्शनकारी दिल्ली की ओर बढ़ने लगे, पुलिस ने डायमंड चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि प्रशासन ने जिले भर से आ रहे किसानों के वाहनों को रास्ते में ही जब्त कर लिया। इससे नाराज आदिवासी पैदल ही आगे बढ़ गए, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि 12 मार्च को दिए गए लिखित आश्वासन के बावजूद उन्हें दस्तावेज के बदले धारा 163 और ‘फर्जी’ मुकदमे मिले। समाजसेवी अमित भटनागर ने स्थानीय प्रशासन से वार्ता समाप्त करते हुए ‘न्याय-अधिकार जन आंदोलन’ का शंखनाद कर दिया है।
तनावपूर्ण स्थिति के बीच, पुलिस ने करीब एक घंटे बाद प्रदर्शनकारियों को बसों से खजुराहो के लिए रवाना किया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे हर हाल में दिल्ली पहुँचकर जंतर-मंतर पर हुंकार भरेंगे।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट