बैतूलः मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जंगलों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार वन विभाग ही अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पश्चिम वन मंडल के अंतर्गत आने वाली सांवलीगढ़ रेंज के सिताडोंगरी सर्किल में बेशकीमती सागौन के सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि नाकेदार ने लकड़ी माफियाओं के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों पर आरी चलवा दी और बाद में पुराने पीओआर नंबरों का सहारा लेकर कार्रवाई दिखाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध कटाई की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई तो उन्हें डराने और धमकाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नाकेदार खुलेआम इस बात को स्वीकार रहा है कि वह डिवीजन तक हफ्ता पहुंचाता है, इसलिए उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और उस पर अधिकारियों का पूरा संरक्षण है। बताया जा रहा है कि इस मामले की जानकारी एसडीओ को दी गई और अंडर ट्रेनिंग आईएफएस अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे भी, जहां पेड़ों की कटाई होने की बात सामने आई और ठूंठ बनाकर नंबरिंग का काम भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
इससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं। वहीं जब इस पूरे मामले को लेकर भोपाल स्तर पर पीसीसीएफ और विजिलेंस से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।