पन्नाः जिले में प्रशासनिक अधिकारियों के आपसी तालमेल नहीं होने से जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लंघन हो रहा है। ताजा मामले में रैपुरा तहसीलदार संतोष अरिहा ने शिकायत पर रैपुरा से पांच किलोमीटर दूर हरदुआ में एक पिकअप वाहन ओवरलोड भूसा परिवहन होते हुए पकड़ा था और अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी शाहनगर को भेजा लेकिन वाहन को बिना किसी जुर्माने के छोड़ दिया गया। इस संबंध में कहा गया कि परिवहनकर्ताओं को यह जानकारी नहीं थी कि कलेक्टर ने भूसे के परिवहन पर प्रतिबंध लगाया है।
बता दें कि जिला मजिस्ट्रेट ऊषा परमार द्वारा पन्ना जिले में पशुधन के लिए चारा-भूसा की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से जिले के बाहर भूसा चारा के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन उनके आदेशों का पालन उन्हीं के अधिकारी नहीं कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जिले से बाहर भूसे के परिवहन पर प्रतिबंध के बावजूद रैपुरा और आसपास के क्षेत्रों से बड़े बड़े वाहनों में भूसे का परिवहन धड़ल्ले से जारी है। भूसे से ओवरलोड बड़ी बड़ी गाड़ियां जो पूरे रोड को ब्लॉक करके चलती नजर आती हैं। आश्चर्य की बात यह है कि यह परिवहन शाम होते ही कस्बे के मुख्य मार्ग से किया जाता है। सवाल यह उठता है कि क्या परिवहन का आदेश एक कागजी प्रक्रिया मात्र है यह जिले में अधिकारी कलेक्टर के आदेश को गंभीरता से नहीं लेते।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट